लुप्त हो रही सांचा विद्या करवा रही भविष्य दर्शन

शिमला —अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले मंे पुस्तकांे मंे छिपा खजाना ही नहीं बल्कि कुछ ऐसी विद्याएं भी देखने मंे मिली है जो लुप्त होने की कगार पर है। दिव्य हिमाचल ने इस बाबत सांचा परंपरा के विशेषज्ञ पंडित मनी राम  से बातचीत की। ये शिलाई के रहने वाले हैं। उन्हांेने कहा कि प्रदेश मंे ये विद्या कहीं गुम होती जा रही है। हालांकि भाषा विभाग ने भी इस विद्या को हिंदी मंे सरल करने की कोशिश की है लेकिन सरकार यदि इस विद्या को युवाआंे को भी सिखाने के  लिए कार्यशाला आयोजित करे तो ये हिमाचल के इतिहास को संजोने की कोशिश करेगा। मनी राम का कहना है कि पाबुची भाषा मंे इस विद्या के दर्शन किए जा सकते हैं। उन्हांेने कहा कि पुस्तक मेले के लिए सबसे ज्यादा पर्यटकांे ने भविष्य दिखाने मंे दिलचस्पी दिखाई है। उनका कहना है कि जिसे विश्चास है वह इस विद्या माध्यम से अपने सवालांे  का जवाब ले सकता है। ज्योतिष का ये अहम भाग है जिसका लाभ जनता उठा सकती है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार को इस विद्या को बचाने के लिए गंभीरता से सोचना चाहिए। बहरहाल 11 जून से भाषा संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगें। जिसमंे 11 जून को महात्मा गंाधी चित्रकला प्रर्दशनी आयोजित की जाएगी। 12 जून को कला धरोहर शोध पत्र पर परिचर्चा होगी। 13 जून को लेखक एसआर हरनोट की पुस्तकांे का लोकापर्ण किया जाएगा। 14 जून को दितीय राजभाषा संस्कृत पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमंे शंाता कुमार पूर्व मुख्यमंत्री मौजूद होंगें। इसी दिन गेयटी मंे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगें। 15 जून को बाल कहानी पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। और 16 जून को समकालीन साहित्य के विविध आयाम कविता कहानी व्यंग्य पाठ एवं समीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

You might also like