वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रतन पंचतत्व में विलीन

आजादी के परवाने को प्रदेश भर से आए हजारों लोगों ने दी अश्रुपूर्ण विदाई, बेटों मनोज-संजय रतन ने दी मुखाग्नि

ज्वालामुखी—प्रदेश के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी, कवि, साहित्यकार, लेखक, कलाकार व समाजसेवी नेता श्रद्धेय पंडित सुशील रतन को बुधवार को प्रदेश भर से आए हजारों लोगों ने अंतिम विदाई देकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पंडित सुशील रतन देश के आजादी के वह परवाने थे, जिन्होंने अपने जीवन के बेहतरीन साल देश के लिए कुर्बान किए थे। यही कारण था कि वह नेहरू परिवार के बेहद करीबी व विश्वासपात्र माने जाते थे। नेहरू परिवार की करीबी की वजह से ही पंडित सुशील रतन वीरभद्र सिंह के परिवार के विश्वसनीय बने। दो बार उनको पार्टी ने टिकट दिया, परंतु सरल स्वभाव के पंडित सुशील रतन को पार्टी के ही कुछ लोगों ने आगे जाने से रोका, परंतु ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उनकी तपस्या बेकार नहीं जाने वाली थी। उनके सियासी रसूख व पहचान के कारण वे एक बार खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष व दो बार स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। उनको राज्य मंत्री का दो बार दर्जा मिला। उन्होंने अपने जीवन में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए बहुत कुछ किया। पंडित सुशील रतन का जीवन संघर्षशील रहा है, वह कभी हार न मानने वाले योद्धा की तरह लड़े और जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी लेखक व कवि के रूप में सभी को हंसाते और रूलाते चले गए। पंडित सुशील रतन को बुधवार को अंतिम विदाई देने वालों में पूर्व मंत्री चंद्र कुमार, कुलदीप धीमान, सुधीर शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर, कांग्रेसी नेता अजय महाजन, योगराज, केवल सिंह पठानिया, किशोरी लाल, बीआर राही, प्रेम कौशल, अजय मांटा, वेद शर्मा, जगदीश सिपहिया, धर्मेंद्र शर्मा बंटु व उनकेकरीबी रहे अध्यापक नेशनल अवार्ड विजेता सत्यपाल शर्मा, युवा नेता नीरज शर्मा व प्रदेश भर से कई नेता, कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला व जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति ने पंडित सुशील रतन को राजकीय सम्मान देकर सम्मानित किया। एसडीएम ज्वालामुखी राकेश शर्मा, डीएसपी देहरा लालमन शर्मा, डीपीआरओ धर्मशाला विनय शर्मा, तहसीलदार ज्वालामुखी जगदीश शर्मा, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद देसराज चौधरी, नगर परिषद अध्यक्षा भावना सूद शहर के व्यापारी वर्ग व कई समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर पंडित सुशील रतन को अंतिम विदाई दी। पंडित सुशील रतन के पुत्रों मनोज रतन व संजय रतन ने अपने पिता को मुखाग्नि दी । इस मौके पर राजकीय सम्मान के साथ पुलिस के जवानों ने बंदूकों की सलामी दी और हवाई फायर किए गए। अंग्रेजी बैंड व होम गार्ड के बैंड में बड़ी शान से पंडित सुशील रतन की शव वाहन में अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें रास्ते में ही कई बार शव वाहन को रोक कर लोगों ने पंडित सुशील रतन के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी और अश्रूपूर्ण विदाई दी। भाजपा मंडल ज्वालामुखी ने विधायक रमेश धवाला के नेतृत्व में श्मशानघाट जाकर पंडित सुशील रतन को अंतिम विदाई दी।

 

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