विदेशियों के आंगन में हिमाचल का बचपन

शिमला –विदेशियों के सूने आंगन में हिमाचल का बचपन अब खेलने लगा है। दो वर्षों में तीन बच्चों को विदेशी दंपतियों ने गोद लेने के  लिए हाथ बढ़ाया है, जिसमें इस वर्ष दो बच्चों को विदेशियों द्वारा गोद लिया जा रहा है। गौर हो कि विदेशों में भी कारा के तहत बच्चा गोद देने के रास्ते खोले जाने के बाद अब यह राह और आसान हुई है। इस वर्ष दो बच्चे विदेश जा रहे हैं, जिसमें एक गुनगुन अमरीका जा रही है और इसी वर्ष और एक अन्य बच्चे को भी इटली की दंपति ने गोद लेने के  लिए आवेदन किया है, जिसकी प्रकिया राज्य शिशु गृह ने शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि कारा यानी चाल्इड अडोप्शन रिर्सोस अथॉरिटी के तहत विदेशों में बच्चे को गोद लेने के रास्ते खोले गए हैं, जिसमें पिछले वर्ष पहली बार दो वर्षीय राधिका को अमरीका की एक दंपति ने गोद लिया था। इसमें अभी हाल ही में राधिका की रिपोर्ट राज्य शिशु गृह में पहुंच गई है, जिसमें वह स्वस्थ बताई गई है। वहीं वीडियो कान्फेंसिंग के माध्यम से भी राधिका पर पूरी नजर रखी जा रही है। अब इस वर्ष गुनगुन और एक अन्य बच्चे को विदेश ले जाया जा रहा है। विदेश में बच्चा गोद देने का यह अब तीसरा मामला सामने आ रहा है।  राज्य शिशु गृह में अभी 14 बच्च ऐसे हैं, जो अपने नए मम्मी-पापा का इंतजार कर रहे हैं। इसमें पिछले वर्ष ही सात बच्चों को गोद लिया गया है। हालांकि अभी भी राधिका के साथ बाल कल्याण परिषद के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंस करके बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। वहीं गुनगुन के  साथ भी उसके होने वाले ममी-पापा वीडियो कान्फे्रंस से बातचीत कर रहे हैं। अब इटली जा रहे एक अन्य बच्चे की रिपेर्ट भी तैयार की जा रही है। बाल कल्याण परिषद के मुताबिक पूरी जांच परख के बाद बच्चों को गोद दिया जाता है, जिसमें तय समय पर उनकी स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट भी समय पर चैक की जा रही है।

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