विद्या देवी के आगे बडे़ अस्पताल भी फेल

डैहर—देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कण-कण में देवताओं का वास है और देवताओं की विशेष कृपा व शक्ति कुछ एक व्यक्तियों को प्राप्त होती है। कुछ ऐसी ही देव कृपा प्राप्त 92 वर्षीय वयोवृद्ध महिला विद्या देवी पिछले आठ दशकों से निःशुल्क सेवा कर रही हैं। जिला मंडी के बल्ह विधानसभा की रिवालसर उपतहसील के छजवान खाबू गांव की रहने वाली विद्या देवी बड़े हॉस्पिटल्स से लौटाए गए मरीजों के गले व आंख की बीमारी से ग्रस्त बीमारियों का इलाज करती हैं। वैसे तो विद्या देवी के पास हर मर्ज का इलाज है, लेकिन वह बताती हंै कि गले व खाने की नाली और आंख में कुछ भी फंसा हो तो वह पलक झपकते ही उपचार कर देती हैं। शनिवार को भी ऐसे ही एक मरीज जिसके गले में धाम खाने वाली हरि पत्तल में लगी बांस की तिल्ली का बारीक टुकड़ा फंस गया था। इसका तमाम बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में मात्र आपरेशन से ही इलाज संभव है। विद्या देवी ने पलक झपकते ही मात्र एक प्लास्टिक के डिस्पोजल चम्मच से मरीज के जीभ पर रखते हुए बांस की तिल्ली को मुहं से बाहर निकालकर मरीज को राहत प्रदान की। उपचार होने के बाद मरीजों से विद्या देवी द्वारा कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है, बल्कि मरीजों द्वारा स्वेच्छा से कुछ न कुछ मंदिर में चढ़ावा अर्पित किया जाता है। विद्या देवी ने बताया कि जो भी कुछ करती हंै देवी मां ही उनसे करवाती है, जब तक मां चाहेगी तब तक वह आखिरी सांस तक सेवा में समर्पित रहेंगी। उन्होंने बताया कि उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क रिवालसर-घौड़कोठी संपर्क मार्ग पर से खादीमोड़ से लेकर छजवान खाबु डेढ़ किलोमीटर का भाग कई वर्षों से खस्ताहाल बना हुआ है दूर दूर से लोग उपचार हेतु उनके पास आते हैं, लेकिन खस्ताहाल सड़क के कारण उन्हें भारी परेशानियां झेलनी पड़ती है। उन्होंने विधायक इंद्र सिंह गांधी से जल्द से जल्द मार्ग को पक्का करने की गुहार लगाई है।

You might also like