वेस्ट खाना फेंकने की करें व्यवस्था

प्रदेश भर के स्कूलों में बचे मिड-डे मील के लिए गड्ढे न बनाने पर होगी सख्त कार्रवाई

शिमला –हिमाचल के 15 हजार सरकारी स्कूलों में बचे हुए मिड-डे मील को फेंकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, डंपिग के लिए गड्ढे बनाए गए हैं या नहीं, इस पर एक हफ्ते के अंदर शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट देने के आदेश किए हैं। दरअसल राज्य के सरकारी स्कूलों में वेस्ट मिड-डे मील को एक ही जगह पर न फेंकने के लिए एनजीटी ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार को जारी किए गए नोटिस के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर के समय मिड-डे मील को खुले में न फेंका जाए। ऐसा करने वाले स्कूल प्रबंधन पर शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। दरअसल शिक्षा विभाग ने इससे पहले भी सरकारी स्कूलों को आदेश जारी कर मिड-डे मील के बचे खाने को खुले में न फेंककर, बल्कि डंपिग साइट में डालकर खाद बनाने को कहा था। दरअसल मिड-डे मील योजना के तहत 15 हजार सरकारी स्कूलों में ग्रीन वेस्ट का उपयुक्त निपटारा नहीं हो रहा है। इस वजह से यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। भारत सरकार ने भी इस बारे में प्रदेश के सरकारी स्कूलों को मिड-डे मील के वेस्ट खाने को फेंकने के लिए एक डपिंग साइट बनाने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक स्कूलों में इसको लेकर कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि शिक्षा विभाग ने स्कूलों को रिमाइंडर जारी कर जल्द मिड-डे मील को बनाए गए वेस्ट की व्यवस्था करने के साथ स्कूल वाइज रिपोर्ट भेजने को कहा है। वहीं जिला के उपनिदेशकों को भी मिड-डे मील का निरीक्षण करने को कहा है। अगर सरकारी स्कूलों में वेस्ट मिड-डे मील को फेंकने के लिए डंपिग साइट बन जाती है, तो इससे कई फायदे भी होंगे। एमएचआरडी के अनुसार इससे वेस्ट खाने से खाद तैयार की जा सकती है।

 तैयार करना होगा किचन गार्डन

स्कूलों में किचन गार्डन बनाकर हरी सब्जियां भी वहां लगाई जा सकती हैं। इससे जहां छात्रों को पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का संदेश मिलेगा, वहीं मिड-डे मील में भी खाने के लिए वेजिटेबल भी मिल सकेंगे। भारत सरकार ने शिक्षा विभाग को वेस्ट खाने से खाद और किचन गार्डन तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए भारत सरकार ने स्कूलों को किचन गार्डन के लिए अलग से बजट देने की बात भी कही थी।

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