शड़ी लौटी मां माहेश्वरी

मतियाना—जेठ मास की शुक्ल पंचमी को मां माहेश्वरी देवी मंदिर रौणी मतियाना में लगने वाले दो दिवसीय जठेंजो मेले का शनिवार को समापन हुआ। मां माहेश्वरी मंदिर रोणी मंे सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने माता के दर पर माथा टेक कर मन्नत मांगी। माता के पुजारियों द्वारा विधि-विधान व परंपरानुसार दैविक मंत्रोचारण के साथ तथा माता के बडे़-बडे़ ढोल-नगाड़ों, करनालों व शहनाई के दैविक सुरों के साथ पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद माता ने अपने गूर के माध्यम से इलाकावासियों को सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान किया। दिन के समय देवलुओं द्वारा माता की भव्य जातर का भी आयोजन किया गया। जातर के बाद माता देवलुओं के साथ रोणी घाटी से धारट,मूल मतियाना, बटाडा, केईच गांवों से होते हुए शडी पहुंचकर अपने स्थायी मंदिर में विराजमान हुई। जठेंजो मेले मे माता के लिए शुद्ध व ताजा घी चढ़ाने की प्रथा है, जो आज भी जारी है। समस्त मतियाना परगनावासी कुंबड़ी के रूप में माता को घी अर्पित करते हैं। इससे मणो के हिसाब से माता के भंडार में घी एकत्र होता है, जो कि मदिर में रोज लगने वाले भंडारे में उपयोग होता है। मां माहेश्वरी देवी जी शड़ी के देंवा नरायण दत शर्मा, पुजारी केशव राम शर्मा, कारदार उदीराम शर्मा, भंडारी मस्तराम सहित माता के कार-कारीदंे व कल्याणे इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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