शाट सब्जी मंडी में अभी कारोबार नहीं

भुंतर—जिला कुल्लू की शाट सब्जी मंडी उद्घाटन होने के करीब 20 माह के बाद भी कारोबार आरंभ होने के इंतजार में है। इस सब्जी मंडी के दायरे में आने वाली पार्वती घाटी सहित समूचे कुल्लू जिला में कृषि-बागबानी सीजन-2019 की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन एपीएमसी व प्रदेश सरकार को यहां पर कारोबार आरंभ करने की फुर्सत ही नहीं है। औपचारिकताओं की पेचिदगी के बहाने किसानों-बागबानों को खूब मोहरा बनाया जा रहा है। लिहाजा, पार्वती घाटी के किसानों-बागबानों की सुविधा के लिए बनी सब्जी मंडी सियासी अखाड़े से कम नहीं लग रही है। जानकारी मिली है कि विपक्ष जल्द ही इस मामले में सरकार को घेरने की तैयारी में भी जुटा है। बता दें कि शाट में सब्जी मंडी से घाटी की एक दर्जन पंचायतों के पांच हजार से अधिक किसानों-बागबानों को सीधा लाभ पहुंचना है। यहां पर सब्जी मंडी के लिए जगह का चयन करने के बाद इसे विकसित करने का काम भी पूरा हुआ है और नीलामी मंच सहित अन्य जुगाड़ भी कछुआ चाल से सरकार पूरा कर रही है, लेकिन असल चुनौती यहां पर किसानों के उत्पादों की बिक्री को आरंभ करने की है। इसके नाम पर पिछले करीब तीन सालों से दोनों ही दलों के नेता सियासी कुश्ती का दंगल चला हुए है और इस दंगल में किसानों की खून चूसा जा रहा है। विस चुनावों से पहले आनन फानन में उद्घाटन और फिर यहां पर हुआ दुकानों का आबंटन चर्चा में रहा है। अपनों को दुकान बांटने के नाम पर गुत्थमगुथी के बीच नई सरकार ने नए सिरे से आबंटन के निर्देश दिए हैं, लेकिन एपीएमसी इसका आबंटन कार्य ही पूरा नहीं करवा पाई है। दूसरी ओर कृषि सीजन आरंभ होने के बाद किसानों-बाबगबानों को इस बार भी उत्पाद भ्ंाुतर और अन्य सब्जी मंडियों मंे पहुंचाने पड़ रहे हैं। घाटी के किसानों-बागबानों बेली राम नेगी, केहर सिंह, दिले राम, भीम सिंह, सोहन लाल, महेंद्र सिंह आदि का कहना है कि सरकार की सुस्ती के कारण उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां कारोबार आरंभ करवाया जाए। उधर, सुंदर ठाकुर, विधायक कुल्लू का कहना है कि शाट सब्जी मंडी में कारोबार आरंभ न करवाकर सरकार किसानों-बागबानों को परेशान कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं होगा और जल्द ही इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। वहीं, सुशील गुलेरिया, सचिव, एपीएमसी, कुल्लू का कहना है कि अन्य प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद कारोबार आरंभ किया जाएगा।

You might also like