शाड़ाबाई में हरियाणा के पर्यटक-स्थानीय लोगों में मारपीट

 वेबसाइट क्रैश…परमिट जारी

पतलीकूहल—रोहतांग जाने वालों पर्यटकों की संख्या में इजाफा होते ही रोहतांग के लिए परमिट निकालने वाली बेवसाइट धोखा दे रही है। सहपरिवार बर्फ  को देखने के लिए आए कई पर्यटकों को रोहतांग के दीदार किए बिना ही घर वापस जाना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण रोहतांग के लिए ऑनलाइन परमिट जारी करने बाली वेबसाइट है। इस बेवसाइट से परमिट निकालना एवेरेस्ट पर चढ़ाई करने के बराबर है। प्रशासन को इस बेवसाइट की कई शिकायतें सोशल मीडिया द्वारा की गई है पर लगता है प्रशासन को इन से कोई लेना देना ही नहीं है। सोमवार शाम को चार बजे जब परमिट के लिए लोगों ने साइट खोली तो उन्हें कई प्रकार के एररों का सामना करना पड़ा। साथ ही गाडि़यों की संख्या को देखने वाली ऐप ने भी काम करना बंद कर दिया। मजे की बात तो यह है कि लगभग 10 मिनट के पश्चात जब ऐप ने गाडि़यों की संख्या बतानी शुरू की तो वहां से लगभग सभी परमिट जारी हो चुके थे। बेवसाइट का संचालन करने वालों पर सीधे- सीधे उंगलियां उठनी शुरू हो गई है, क्योंकि तीप सालों से वेबसाइट इसी प्रकार चल रही है। इसमें किसी प्रकार का सुधार ही नहीं किया गया है। इस बेवसाइट के कार्य से ऐसा लगता है जैसे इसे जान बुझ कर स्लो किया जाता है क्योंकि यदि बेवसाइट क्रैश हो जाती है तो परमिट कैसे जारी हो जाते हैं। प्रशासन इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहा है जबकि टैक्सी वालों को परमिट ही हासिल नहीं हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि वेबसाइट में जब गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डाला जाता है तो रजिस्ट्रेशन में दिए गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाना चाहिए तथा इस ओटीपी को डालने के बाद ही अगली प्रक्रिया होनी चाहिण्। इससे उन टैक्सी वालों पर नकेल कसेगी जो गलत नंबर पर परमिट हासिल करते हैं और उन परमिट निकालने वालों पर भी लगाम लग जाएगी जो साइट के साथ छेड़छाड़ कर मनमाने दामों पर परमिट निकालते है। प्रशासन को शीघ्र ही इस बेवसाइट को सुधारने के लिए प्रयास करने चाहिए।

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