शाह से जयराम की राजनीतिक चर्चा

विदेश से लौटते ही मंत्रिमंडल पर फैसला, अनिल शर्मा पर भी लेंगे निर्णय

शिमला – प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है। गृह मंत्री के तौर पर उन्होंने हिमाचली हितों के मुद्दे तो उठाए, वहीं भाजपा अध्यक्ष होने के नाते अमित शाह से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। लोकसभा चुनाव की बड़ी जीत से भाजपा गदगद है, परंतु अभी भाजपा सरकार के सामने कुछ सवाल खड़े हैं, जिनका समाधान जल्द होना जरूरी है। सूत्र बताते हैं कि जयराम ठाकुर ने अमित शाह से कुछ ऐेसे ही राजनीतिक मामलों पर चर्चा की है। यहां पर मंत्रिमंडल में दो लोगों को जगह दी जानी है।  किशन कपूर, क्योंकि सांसद बन चुके हैं, तो वह लोकसभा का सत्र शुरू होते ही विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे, लिहाजा मंत्रिमंडल से भी वह बाहर हो जाएंगे। ऐसे में उनकी जगह की भरपाई की जानी है। दूसरा अहम मसला अनिल शर्मा का है। पंडित सुखराम के पुत्र अनिल शर्मा मंत्रिमंडल से बाहर हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कई तरह के राजनीतिक घटनाक्रम रहे, जिनके चलते अनिल शर्मा की जगह भी मंत्रिमंडल में खाली पड़ी है। इतना ही नहीं, उन्हें भाजपा का विधायक रखा जाए या नहीं इस पर भी चर्चा की गई है। सूत्रों की मानें तो इन दोनों पदों पर किस फार्मूले के आधार पर नए मंत्रियों को रखा जाएगा, इसे लेकर अमित शाह से विस्तार से बात हुई है। यहां चर्चा की गई कि किस क्षेत्र को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए और कौन से विधायक वरिष्ठता में आते हैं। ऐसे कई नामों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत हुई है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस मामले में कोई निर्णय हो सकता है। क्योंकि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी चर्चा हुई है, तो माना जा रहा है कि सीएम के लौटने के साथ ही यहां मंत्रिमंडल की खाली दोनों कुर्सियों को भर दिया जाएगा। अब इसे किस फार्मूले के आधार पर भरा जाएगा यह कहा नहीं जा सकता।

बदले जा सकते हैं कई मंत्रियों के विभाग

मंत्रिमंडल की दावेदारी करने वाले यहां कई लोग हैं, जिन्होंने सीएम के सामने अपने दावे भी ठोंके हैं। इतना ही नहीं, समर्थकों को लेकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश भी इन लोगों ने की है। अब यह मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वह किस तरह का सामंजस्य मंत्रिमंडल में बिठाएंगे। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में खाली जगह भरने के साथ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी छेड़छाड़ हो सकती है।

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