शिक्षा बोर्ड के टीचर लापरवाह

रि-चैकिंग में 26 अंक बढ़ने से पेपर मार्किंग करने वालों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली छात्रों के साथ अभिभावकों को अखरने लगी है और अखरे भी क्यों न, बोर्ड कार्यप्रणाली मौजूदा दौर में है ही इसी के काबिल। हम बात कर रहे हैं, उन अध्यापकों की, जिन्होंने छात्रों की वार्षिक परीक्षा के पेपर चेक किए हैं। दिन-रात मेहनत करने वाले छात्र जब रिजल्ट में प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने रिचैकिंग के लिए आवेदन किया। इसके बाद उनका रिजल्ट चौंकाने वाला रहा क्योंकि कई छात्रों के एक ही विषय में एक-दो नहीं, बल्कि 26 अंक बढ़ गए वहीं कुछ के कम भी कर दिए गए। अब सवाल यह उठता है कि जब रि-चैकिंग में इतने अंक बढ़ गए तो पहले वाले अध्यापक ने पेपर मार्किंग के लिए कौन से फार्मूला लगाया होगा…

डैहर —हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा वार्षिक परीक्षाओं का मूल्यांकन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यह सवाल इसलिए उठा है, क्योंकि दसवीं और 12वीं के वार्षिक परिणाम के बाद छात्रों ने जब पुनर्मूल्यांकन करवाया तो दहाई के अंकों में नंबर बढ़ गए। इसमें 10वीं के एक छात्र के तो 26 अंक बढ़ गए। दूसरे छात्र के 23 तो एक के 10 अंक बढ़ गए। रिजल्ट में प्राप्त अंकों से असंतुष्ट छात्रों द्वारा पुनः पेपर चैकिंग का फार्म भरा गया था। जानकारी के अनुसार जिला मंडी के सुंदरनगर उपमंडल के डैहर विवेकानंद स्कूल के विद्यार्थियों व प्राधानाचार्य रमेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पेपर मार्किंग करने वाले शिक्षकों की लापरवाही के कारण उनके सुनहरे भविष्य को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री, निदेशक शिक्षा विभाग से लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बता दें कि विवेकानंद स्कूल के आदित्य के अंग्रेजी विषय मे 26 अंक, अजित के अंग्रेजी में 23 अंक, पलक के 10 अंक, श्रेया के हिंदी में सात अंक और तमन्ना के आठ अंक बढे़ हैं। परिणाम के बाद 10 से 26 अंक बढ़ने के बाद स्कूल में कई विद्यार्थियों के ग्रेड से लेकर मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज हुआ है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ छात्रों के अंकों में भारी कमी भी पुनर्मूल्यांकन के दौरान आई। यह सब बोर्ड के मूल्यांकन सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर रहा है। उधर स्कूल प्रबंधन, विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री, डायरेक्टर शिक्षा विभाग व बोर्ड से इस विषय में कार्रवाई की मांग की है।

You might also like