शिमला…आई फ्लू से जरा बच के

अस्पतालों मेें हर रोज इंफेक्शन के 15 मामले आ रहे सामने, ज्यादातर बच्चे हो रहे शिकार

शिमला -राजधानी शिमला में इन दिनों अधिक गर्मी के कारण शहर के अस्पतालों में आई इंफेक्शन के हर रोज 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं। इस तरह की बीमारियों का मुख्य कारण संक्रमण है। संक्रमण के कारण होने वाली बीमारियों में एक आम बीमारी है कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू। इस रोग में मरीज की आंखें लाल हो जाती हैं, आंखों से पानी बहने लगता है और आंखों में खुजली हो जाती है। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में इस रोग के मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में रोजाना कई मामले सामने आ रहे हैं। ये नेत्र रोग ज्यादातर धूल भरे मौसम, बरसात और गर्म मौसम में फैलते हैं। हालांकि यह ज्यादा खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन आंखों में होने के कारण मरीजों के लिए काफी कष्टदायक होती है। यह एक संक्र्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत तेजी से फैलता हैं। बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आते हैं। इस दौरान बच्चों के टावल, रूमाल सहित अन्य चीजों को अलग रखना चाहिए। शिमला के रिपन अस्पताल में भी इन दिनों आई इन्फेक्शन के कई मामले सामने आ रहे हैं। रिपन अस्पताल के एमएस डा. लोकेंद्र ने बताया कि यह रोग होने पर बच्चों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह केवल वायरल संपर्क में आने से यानि रोगी से हाथ मिलाने, उसको छूने, उसकी चीज इस्तेमाल करने से वायरल ट्रांसमिशन के जरिए ही फैलता है। रोग की चपेट में आने वाले बच्चों को कुछ दिनों तक स्कूल से छुट्टी करवानी चाहिए।

फ्लू के लक्षण

 नींद से उठने पर दोनों पलकों का आपस में चिपकना

 सिर दर्द होना

 आंखों में बार-बार पानी व म्यूकस आना

 पलकों पर अधिक सूजन

 आंखों में लाली और खुजली होना

 रोशनी सहन न कर पाना

बचाव के उपाय

 मरीज का रूमाल, तौलिया व कपड़े अलग रखें

 मरीज को आंख छूने के बाद अन्य सामान छूने से रोकें

 चश्मे का इस्तेमाल करें

 तेज रोशनी से बचें, टीवी न देखें, नजर लगाकर न पढें़

 स्वीमिंग पूल में न जाएं

 तकिए का कवर रोजाना बदलें और कॉन्टेक्ट लैंस को रगड़े नहीं

 

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