शिमला बुला रहीं डेढ़ लाख पुस्तकें

गेयटी थियेटर में नौ दिन के लिए सजा नेशनल बुक फेयर, राज्यपाल ने किया उद्घाटन

शिमला  – पहाड़ों की रानी में आपको डेढ़ लाख पुस्तकें बुला रही हैं। शिमला में शनिवार से राष्ट्रीय पुस्तक मेला शुरू हो गया है। गेयटी थियेटर में चलने वाले नौ दिन के इस मेले में आपको पुस्तक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। सायं चार बजे के बाद राज्यपाल द्वारा किए गए उद्घाटन के बाद सबसे ज्यादा पर्यटकों ने ही पुस्तक मेले का आनंद उठाया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि युवाआें में किताबें पढ़ने का क्रेज कम हुआ है। कार्यक्रम के शुभारंभ पर भाषा विभाग की सचिव डा. पूर्णिमा चौहान ने कहा कि इस आयोजन में संस्कृति के विभिन्न रंग प्रदर्शित किया जा रहा है। आठ से दस जून तक मात्र पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद 11 जून से भाषा संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 11 जून को महात्मा गांधी चित्रकला प्रर्दशनी आयोजित की जाएगी। 12 जून को कला धरोहर शोध पत्र पर परिचर्चा होगी। 13 जून को लेखक एसआर हरनोट की पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। 14 जून को द्वितीय राजभाषा संस्कृत पर कार्यक्रम होगा, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार मौजूद होंगे। 15 जून को बाल कहानी पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा और 16 जून को समकालीन साहित्य के विविध आयाम कविता कहानी व्यंग्य पाठ एवं समीक्षा का आयोजन किया जाएगा। देश भर से 25 प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जिसमें वाणी प्रकाशन, प्रतिश्रुति प्रकाशन कोलकाता, सस्ता साहित्य मंडल दिल्ली, अंतिका प्रकाशन, नई किताब, अनन्य प्रकाशन, परिमल प्रकाशन, आभी प्रकाशन, जीनियस हाइव पब्लिकेशन, महावीर बुक डिस्ट्रीब्यूटर, कविता प्रकाशन, भारतीय कला प्रकाशन, ग्लोरियल इंटरनेशनल, राजस्थान पत्रिका, उच्च अध्ययन संस्थान, अहमदिया मुस्लिम कम्यूनिटी भाग ले रहे हैं।

दो अतिथि देश

दो अतिथि देश मंगोलिया और दि रिपब्लिक ऑफ बोसनिया एंड हरजेगोविना इस मेले में भाग ले रहे हैं। इनका साहित्य देखने के लिए कई विदेशी पर्यटक खूब ललायित दिखे। हालांकि विदेश से कोई प्रतिनिधि नहीं आए थे, लेकिन भाषा विभाग और अकादमी के नेतृत्व में स्टाल में लोगों को विदेशी साहित्य के बारे में जानकारी दी गई।

हिमाचली साहित्यकारों की लेखनी में गजब की मिठास

शिमला – राष्ट्रीय पुस्तक मेले में आए प्रतिश्रुति प्रकाशन कोलकता के मुख्य प्रकाशक लक्ष्मण केडिया से ‘दिव्य हिमाचल’ ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल के  साहित्यकारों की कुछ अन्य ही झलक सामने आती है, जिसमें उनकी लेखनी में एक अध्यात्म की गजब की मिठास रहती है, जो अन्य लेखकों से उन्हें अलग करती है। वह कहते हैं कि हिमाचल के हर एक लेखक की लेखनी में देवभूमि के दर्शन होते हैं। जो एक गजब की बात है। वह कहते हैं कि वह वर्ल्ड बुक फे यर में पांच बार शामिल हो चुके हैं, जिसमें अब पहली बार हिमाचल में आयोजित बुक फेयर में शामिल होने का अहसास एक देवदर्शन जैसा हो रहा है।

हिमाचल पहुंची रेडियो बोलती रामायण

शिमला  – शिमला में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस बार तकनीकी क्रांति का एक नया रूप देखने में आया। ओकार्ड इंडिया ने रेडियो बोलती रामायण को जनता के सामने पेश किया, जिसमें रामायण पाठ के विभिन्न अध्यायों के साथ गणेश वंदना, गीता मूल पाठ, आरती, हनुमान चालीसा, दोहा कबीर और रहीम, दुर्गा सप्तशती, संगीत, व्रत और त्योहार को सुना जा सकेगा।रेडियो बोलती रामायण मुख्यतः रामायण का डिजिटल गायन संग्रह है, पहली बार शिमला पुस्तक मेले से जिसकी शुरुआत हो रही है। ‘दिव्य हिमाचल’ से खास बातचीत करते हुए ओकार्ड के समन्वयक सचिन का कहना है कि इस तकनीक को पहली बार दिल्ली में आयोजित हुए वर्ल्ड बुक फेयर में जनता के समक्ष लाया गया था। अब इसे हिमाचल में लाया गया है। हालांकि रेडियो कारवां की तरह ही ये मिलता जुलता है, लेकिन इस बार रेडियो को एक धार्मिक रूप दिया गया है। संबंधित बटन के दबाने से आपका मनपसंद गाना सुना जा सकता है। इस रेडियो के  लिए आचार्य पवन कुमार और आचार्य ज्योति कुमार ने आवाज़ दी है। बुक फेयर में यह तकनीक आकर्षण का केंद्र बनी है।

हिमाचली लेखकों का कमाल

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में हिमाचली लेखकों की पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हैं, जिसमें एसआर हरनोट, श्रीनिवास श्रीकांत, हेमराज, आत्मरंजन, सुरेश सैन, सतीश रत्न, डा. स्नैही, भारती कुठियाला, अनिल शर्मा, रेखा, देवकन्या, मनोज चौहान, वंदना राणा, श्याम लाल शर्मा, अनुराग, अंगीरस, सतीश आदि लेखकों क ी किताबें स्टाल में पढ़ी जा सकती हैं। इस पुस्तक मेले में हिमाचल के लेखकों की पुस्तकों की एक जगह प्रदर्शनी लगाने के लिए हिमालय मंच प्रकाशन को एक स्टाल फ्री दे रहे हैं।

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