शिमला में गांधी से जुड़ी यादें हुईं ताजा

शिमला -राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में मंगलवार को भाषा व संस्कृति विभाग द्वारा महात्मा गांधी  के शिमला आगमन की कुछ सुनहरी यादों को चित्रों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपल्क्षय पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा लोगों को अधिक जानकारी देने के  उद्देश्य से गांधी की चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी में  लोगों ने बापू की शिमला यात्रा की तस्वीरों की खूब सराहना की। बता दंे कि राजधानी शिमला से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का गहरा नाता रहा है। स्वतंत्रता  के लिए संघर्ष के दौरान महात्मा गांधी ने कई बार शिमला की यात्राएं कीं। इस चित्रकारी प्रदर्शनी में महात्मा गांधी की शिमला से जुड़ी यादों को दिखाया गया है। अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के कारण महात्मा गांधी को यहां का रुख करना पड़ा।  इतिहास के गर्भ में छिपे कई महत्वपूर्ण फैसले राजधानी शिमला में ही हुए। महात्मा गांधी पहली बार शिमला मदन मोहन मालवीय और लाला लाजपत राय के साथ 12 मई 1921 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रीडिंग से मिलने आए थे। भाषा एवं संस्कृ ति विभाग द्वारा यह सब यादें संजो कर रखी गई हैं, जिसे चित्रों के माध्यम से लोगांे तक पहुंचाया जा रहा है। इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के जिला भाषा सचिव डा. पूर्णिमा चौहान ने बताया कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर भाषा एवं संस्कृ ति विभाग यह कार्यक्रम करवा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी शिमला में लगभग सात बार आए हैं। उन सभी यादों को चित्रों के माध्यम से गांधी के अनुभवों को लोगों के सामने लाया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों सहित बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों द्वारा भी महात्मा गांधी के चित्रों की खूब सराहना  की गई। 

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