शिमला में बिना पद सेवाएं दे रहे कर्मचारी

शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में मुलाजिमों की कमी, बिन पोस्ट कैसे चल रहा खेल 

धर्मशाला    – हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में भले ही कर्मचारियों का टोटा हो, लेकिन मनमानी व प्रशासनिक दबाव का आलम यह है कि बिना पोस्ट के भी कुछ महिला कर्मचारी शिमला में सेवाएं दे रहे हैं। बोर्ड में उनके स्थान पर जब अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के लिए कहा गया, तो मामले ने तूल पकड़ लिया। बोर्ड प्रबंधन की चुनिंदा कर्मचारियों पर मेहरबानी न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रही है, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी मनमानी करने की छूट दे रही है। स्वीकृत पोस्टों के बावजूद बोर्ड मुख्यालय के कर्मचारियों के नियमों को दरकिनार कर बाहर काम करने से मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारी हैरत में है। इस सारे हाई प्रोफाइल मामले से शिक्षा बोर्ड में हड़कंप मचा हुआ है। पूर्व में बोर्ड के कार्यों को शिमला में करवाने के नाम पर इन कर्मचारियों को पूर्व चेयरमैन ने वहां तैनाती दी थी, लेकिन अब यह कर्मचारी नियमित हो गए हैं। ऐसे में नियमितीकरण के बाबजूद ये कर्मचारी शिक्षा बोर्ड में अपनी सेवाएं देने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके चलते उनकी स्वीकृत पोस्टें खाली पड़ी हुई हैं। इन खाली पदों पर जब अन्य कर्मचारियों को सेवाएं देने के लिए कहा जा रहा है, तो वे भी दूसरे की सीटों पर काम करने से साफ इनकार कर रहे हैं। इस सारे सियासी खेल में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली भी कटघरे में खड़ी हो रही है। शिक्षा बोर्ड के कई कर्मचारी जिला स्तर पर खोले गए डिपो में तो काम करते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब मुख्यालय में स्वीकृत पदों के बावजूद कर्मचारी यहां अपने पदों पर सेवाएं देने के बजाय शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी के कार्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। चुनिंदा कर्मचारियों पर मेहरबानी इन दिनों खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। बोर्ड में कार्यरत कर्मचारी भी हैरत में है कि शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने इन कर्मचारियों पर विशेष कृपा दृष्टि क्यों बना रखी है। सभी के साथ एक समान व्यवहार क्यों नहीं हो रहा है। यदि जल्द यह मामला नहीं सुलझा, तो आने वाले समय में अन्य कर्मचारी भी अपने नजदीकी या पसंदीदा कार्यालयों में सेवाएं देने के लिए दबाव बना सकते हैं। उधर, बोर्ड प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता की देखते हुए संबंधित कर्मचारियों को अपने पदों पर सेवाएं देने के लिए कहा गया है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।

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