शूलिनी विश्वविद्यालय को 30वां रैंक

यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हासिल की सफलता

शिमला – सोलन स्थित निजी शूलिनी विश्वविद्यालय ने देश भर में ईएलईटीएएस रैंकिंग में 30 वां स्थान पाया है। प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसे इंजीनियरिंग में इतनी अच्छी रैंकिंग मिली है। इसके अलावा शूलिनी विश्वविद्यालय ने टारगेट तय किया है कि वह वर्ष 2019 तक अपने संस्थान को एनआईआरएफ की रैंकिंग में 200वां रैंक हासिल करेगी। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विभिन्न विभागों के छात्रों के लिए प्लेसमेंट्स में भी बेहतरीन सफलता हासिल की है। यूनिवर्सिटी के मेहनत से किए गए प्रयासों के कारण कई विभागों में लगभग 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हुए हैं, यहां तक कि प्रमुख भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी अपनी टीमों को कैंपस में प्रतिभाएं चुनने के लिए भेज रही हैं। गुरुवार को शिमला में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि छात्रों को औसत पैकेजों की पेशकश पांच लाख से छह लाख रुपए प्रति वर्ष तक है। निजी विश्वविद्यालय में एक छात्र आशीष सैणी ने एमएनसी हिल्टी से 15 लाख रुपए का सीटीसी का उच्चतम पैकेज हासिल किया है। शूलिनी विवि के कुलपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी फैकल्टी को ईएलईटीएएस रैंकिंग 2019 द्वारा भारत के शीर्ष 30 निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में स्थान दिया गया है। वाइस चांसलर ने कहा कि यूनिवर्सिटी का मकसद पात्र छात्रों के लिए 100 प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त करने पर है न कि कुछ असाधारण तौर पर हाई पैकेजों प्राप्त करने पर। प्रोफेसर खोसला ने कहा कि यूनिवर्सिटी का मैनेजमेंट प्रोग्राम, जिसे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा की गई एनआईआरएफ  रैंकिंग के अनुसार देश में 65 वां स्थान मिला है, पहले ही 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज कर चुका है।

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