शौचालय निर्माण के लिए मांगी नई स्कीम

शिमला –  ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार सायं नई दिल्ली में जल संसाधन मंत्रालय द्वारा पूर्ण स्वच्छता पर राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में भाग लेते हुए शहरी क्षेत्रों में मौजूद तंत्र की तर्ज पर केंद्र सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था विकसित करने के साथ-साथ सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए नई योजनाएं तैयार करने आग्रह किया। सम्मेलन में ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश ने वर्ष 2012 में बाह्य-शौचमुक्त प्रदेश का दर्जा प्राप्त किया तथा विद्यालयों, पंचायतों, महिला तथा युवक मंडलों में पुरुषों एवं महिलाओं के लिए शौचालय निर्मित किए गए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में वर्षा-जल संरक्षण टैंक निर्मित किए गए तथा इसका जल शौचालय के लिए प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने न केवल पॉलिथीन पर, बल्कि प्लास्टिक की बोतलों, बर्तनों, थालिओं इत्यादि पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू किया। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण पर आधारित ठोस एवं तरल कचरा निष्पादन के लिए एक आत्मनिर्भर मॉडल विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा के पालमपुर की आईमा पंचायत में प्रयोगिक आधार पर इसकी शुरुआत की जा चुकी है जहां एक इकाई में ठोस व तरल कचरे को सफलतापूर्वक पुनः प्रयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने मनरेगा के तहत प्राथमिकता के आधार पर जन संरक्षण को अपनाया है तथा 14वें वित्तीय आयोग के तहत एक वर्ष में 1088 ढांचे बनाए हैं। ग्रामीण विकास सचिव आरएन बत्ता भी कार्यशाला के दौरान उपस्थित थे।

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