संगड़ाह की पांचवीं चूना खदान में काम शुरू

संगड़ाह—नागरिक उपमंडल संगड़ाह के गांव भड़वाना मे करीब दो दशक बंद पड़ी संत माइन को संबंधित विभाग द्वारा स्टाक अथवा माल उठाने की अनुमति दी जा चुकी है। पिछले चार माह में क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी तीन चूना खदानों को सूबे की नई सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है। गांव भड़वाना के साथ लगती संत माइन पर शनिवार से काम भी शुरू हो चुका है।  इसके अलावा संगड़ाह महाविद्यालय के साथ लगते गांव मंडोली में लंबे अरसे से बंद पड़ी हिमालय चूना खदान को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एन्वायरमेंट क्लीयरेंस मिल चुकी है तथा यहां खनन कार्य शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। संगड़ाह कस्बे से करीब तीन किलोमीटर दूर 182 बीघा लीज क्षेत्र में मौजूद हिमालय लाइम स्टोन माइन के संचालक रविंद्र यादव तथा भू-स्वामियों के अनुसार संभवतः इसी माह उक्त माइन पर खनन कार्य शुरू किया जाएगा। गौर हो कि क्षेत्र की 376 बीघा में मौजूद सबसे बड़ी भूतमढ़ी लाइम स्टोन माइन पहले से ही चल रही है। जिला खनन अधिकारी एस चंद्र ने उपमंडल संगड़ाह की संत माइन को स्टॉक उठाने तथा मंडोली माइन को पर्यावरण क्लीयरेंस मिलने की पुष्टि की। संत माईन को दोबारा शुरू करने की मिली अनुमति पर आरटीआई कार्यकर्ता बबलू चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई है। खनन प्रभावित क्षेत्र के बबलू चौहान ने सीएम को भेजे गए पत्र की प्रति के साथ जारी बयान में कहा कि सरकारी रिकार्ड में दो दशक से बंद उक्त खदान से स्टॉक उठाने की परमिशन देने के लिए नियमों की अवहेलना की गई। उन्होंने कहा कि पांच नवंबर, 2015 को अवैध खनन के चलते इस माइन पर भारी भ-ूस्खलन हुआ था, जिसमें इसी गांव के इंद्र सिंह नामक मजदूर की दबकर मृत्यु हो गई थी।

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