सचिवालय कर्मचारियों के चुनाव 20 को

शिमला—सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने अपने चुनाव की प्रक्रिया को तय कर दिया है। 20 जून को इनके चुनाव होंगे, जिसकी प्रक्रिया को निपटाने के लिए 10 जून तक सदस्यता का अभियान चलेगा। 10 जून व 11 जून को दो दिन नामांकन भरने के लिए रखे गए हैं। 13 जून को नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी वहीं नामांकन वापसी के लिए भी यही दिन होगा।  20 जून को सुबह 10ः30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान का समय निर्धारित होगा जिसके बाद मतगणना भी कर दी जाएगी। इस संगठन के चुनाव लड़ने के लिए लोगों को 300 से 500 रूपए का शुल्क देना होगा। 300 रूपए का फार्म कार्यकारिणी सदस्य के लिए मिलेगा जबकि 500 रूपए का फार्म पदाधिकारी के चुनाव के लिए  होगा, जिन पदों के लिए चुनाव करवाया जाएगा उनमें प्रधान, वरिष्ठ उपप्रधान, उप प्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष के एक-एक पद के लिए चुनाव होगा। इनके अलावा कार्यकारिणी सदस्यों के 9 पदों के लिए चुनाव होगा। चुनाव में 25 फीसदी वोट हासिल करने वाले को ही उसकी सिक्योरिटी राशि वापस हो सकेगी। संगठन के चुनाव की प्रक्रिया को निपटाने के लिए अंडर सेक्रेटरी प्रदीप जसवाल को मुख्य चुनाव अधिकारी नामजद किया गया है वहीं उनके साथ संत राम पुहारटा को सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाया गया है। इनकी नियुक्ति के साथ ही सचिवालय सेवाएं संगठन में चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। यह चुनाव दो साल के लिए होते हैं। संगठन से जुड़े सदस्यों में चुनाव के लिए  सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसकी घोषणा के साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक कर्मचारी भी मैदान में उतरने लगे हैं। अभी से यह लोग माहौल बनाने की फिराक में जुट गए हैं। 10 जून को सामने आएगा कि इस बार कौन-कौन चुनाव मैदान में उतरे हैं और 13 जून को चुनाव लड़ने वालों की स्थिति साफ हो जाएगी। सचिवालय में इस चुनाव की खासी गहमागहमी रहती है। यह सचिवालय के कर्मचारियों का सबसे बड़ा संगठन है, जो सरकार से यहां के कर्मचारियों के मुद्दों को उठाता है। निवर्तमान कार्यकारिणी ने क्या कुछ किया है इसका  खाका पदाधिकारियों ने तैयार कर कर्मचारियों के बीच पहुंचना शुरू कर दिया है। मुद्दों पर कर्मचारी अब जवाब मांगेंगे और नए लोगों से भी उनकी सोच के बारे में जानेंगे कि वह कर्मचारियों के लिए क्या-क्या करना चाहते हैं। कई दिनों तक यहां पर कर्मचारी राजनीति का हल्ला रहेगा।

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