सड़कों के लिए मांगेंगे अतिरिक्त पैसा

केंद्र से उठाएंगे मसला, जयराम ठाकुर ने बीआरओ के अधिकारियों संग की बैठक

शिमला —प्रदेश सरकार द्वारा सीमांत क्षेत्रों की सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए बजट में बढो़तरी करने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के साथ मामला उठाया जाएगा, ताकि सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण सड़कों के रखरखाव के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध हो सके।  यह बात शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सड़क सीमा संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में पांच राष्ट्रीय उच्च मार्ग हैं, जिनकी लंबाई 570 किलोमीटर है तथा इनमें से एक राष्ट्रीय उच्च मार्ग (172 किमी लंबा तांदी से संसारी नाला) सैद्धांतिक तौर पर सड़क सीमा संगठन के अधीन है। ये सभी उच्च मार्ग सामरिक तथा विभिन्न जनजातीय क्षेत्रों के लिए संपर्क की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं। यह राष्ट्रीय उच्च मार्ग विभिन्न राजमार्गों को भी जोड़ते हैं, जिनका रखरखाव लोक निर्माण विभाग करता है। इसी प्रकार इन सड़कों पर बने पुलों की भी जल्द मरम्मत तथा रखरखाव की आवश्यकता है।  सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक ले. जनरल हरपाल सिंह, अतिविशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल ने मुख्यमंत्री को रोहतांग सुरंग का समय पर निर्माण एवं अन्य सड़क सुधार कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया। समदो-काजा-ग्रांफो सड़क की सामरिक महत्ता के दृष्टिगत इसके सुधार को तेजी से प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी, दीपक परियोजना मुख्य अभियन्ता ब्रिगेडियर डीके त्यागी,  उपायुक्त कुल्लू डा. ऋचा वर्मा, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आरके वर्मा, स्टाफ अधिकारी ले. कर्नल दुष्यंत पाटिल, ले. कर्नल रोहित जालवी तथा अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

रोहतांग सुरंग को नवंबर तक पूरा करें

मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को रोहतांग सुरंग के कार्य को नवंबर माह तक पूरा करने का आग्रह किया, ताकि वर्ष भर लाहुल घाटी से सड़क संपर्क बना रहे। कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री डा. रामलाल मारकंडा ने सीमा  सड़क संगठन के अधीन आने वाली सड़कों के रखरखाव पर चिंता व्यक्त की तथा अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में मरम्मत कार्य पूरा करने का आग्रह किया।

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