सतलुज नदी किनारे न जाएं

रामपुर बुशहर—सतलुज के आसपास जाना अब जानलेवा हो सकता है। कभी भी पानी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके लिए नाथपा झाकड़ी परियोजना ने स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर सतलुज के उफान बढ़ने की चेतावनी दी है। परियोजना प्रबंधन का कहना है कि लगातार परियोजना बांध नाथपा में पानी की स्तर बढ़ता जा रहा है जो कि बांध के अधिकतम स्तर से उपर चला गया है। जिसे देखते हुए बांध से पानी कभी भी छोड़ा जा सकता है। पानी छोड़ने पर बांध से आगे का जल स्तर बढ़ने का पूरा अनुमान है। इसलिए ऐतिहात बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही सतलुज के किनारे न जाने की सलाह जारी की गई है। बताते चले कि गर्मी बढ़ने पर उपरी चोटियों में बर्फ का पिघलना शुरू हो गया है। एक सप्ताह से तापमान में काफी उछाल आया है। जिस कारण बर्फ पिघलने से सतलुज का जल स्तर बढ़ गया है। ये भले ही परियोजना प्रबंधन के लिए बिजली उत्पादित करने में अहम रोल अदा कर रहा हो। लेकिन परियोजना प्रबंधन भी उतना पानी बांध में रख सकती है जितना बांध का अधिकतम स्तर होगा। जिसके बाद परियोजना को मजबूरन पानी को छोड़ना पड़ता है। ये ही कारण है कि परियोजना प्रबंधन ने पहले ही स्थानीय प्रशासन को आग्रह कर दिया है कि कभी भी सतलुज का जलस्तर बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने भी परियोजना प्रबंधन द्वारा मिले पत्र के बाद सक्रियता दिखाते हुए सभी का सतर्क कर दिया है। साथ ही सभी को इस मैसेज को व्हट्सअेप में डालकर सभी को सूचित किया जा रहा है ताकि कोई सतलुज के करीब न जाए।

गर्मी से निजात पाने के लिए सतलुज के किनारे जाना आम बात

जिस तरह से गर्मी दिन व दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में इस चिलचिलाती गर्मी से निजात पाने के लिए कई बार लोग सतलुज के किनारे चले जाते है। साथ ही बाहर से आए हुए पर्यटक भी सतलुज के किनारे अटखेलियां करते दिख जाते है। ऐसे में परियोजना प्रबंधन पहले से ही ये निर्देश जारी कर देती है कि कोई सतलुज के किनारे न जाए, ताकि कोई हादसा न हो।

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