सरकारी नौकरी से फरार 10 विशेषज्ञ डाक्टर बर्खास्त

शिमला –सरकारी नौकरी से फरार हिमाचल के 10 विशेषज्ञ डाक्टर बर्खास्त कर दिए गए हैं। सरकारी सेवाओं से निकाले गए इन चिकित्सकों के खिलाफ राज्य सरकार ने क्रिमिनल प्रोसीडिंग भी शुरू कर दी है। राज्य सरकार के खर्चे पर स्पेशलिस्ट बने इन डाक्टरों का मामला स्टेट विजिलेंस एंटी क्रप्शन ब्यूरो को भेजा जा रहा है। आरोप है कि हिमाचल सरकार ने अपने एमबीबीएस चिकित्सकों को सरकारी खर्चे पर स्पेशलिस्ट डाक्टर बनाया है। स्पेशलिस्ट बनने के बाद चिकित्सक प्रदेश से बाहर निजी संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके चलते हिमाचल सरकार ने पहली बार यह बड़ी कार्रवाई की है। बताते चलें कि एमबीबीएस के बाद चिकित्सकों के लिए स्पेशलिस्ट की डिग्री सरकारी खर्चे पर हासिल करने का प्रावधान है। इसी के तहत राज्य के कई डाक्टर स्पेशलिस्ट बनते हैं। इसके लिए हिमाचल सरकार प्रति चिकित्सक 30 से 40 लाख रुपए खर्च करती है। स्पेशलिस्ट बनने के बाद चिकित्सकों को अपने प्रदेश के भीतर सेवाएं देने के लिए बाध्य किया जाता है। इसके लिए बाकायदा हिमाचल सरकार ने बांड की शर्त लागू की है। सरकारी सेवा से बर्खास्त किए गए सभी 10 चिकित्सकों ने भी बांड भरा था। बावजूद इसके उक्त चिकित्सक सरकार को गच्चा देकर गायब हैं। सरकार को खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार सरकारी सेवाओं से फरार चल रहे चिकित्सक दूसरे निजी संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। इस कारण हिमाचल सरकार ने इन चिकित्सकों को सरकारी सेवा से बाहर कर इनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विजिलेंस को डाक्टरों की डिटेल सूची भेजकर इनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।

ये हुए बर्खास्त

डा. गौरव कुमार      एमएस आई (नेत्र)

डा. भारती जोशी      एमएस ओबीजी

डा. अश्वनी सामी    एमडी पिडियाट्रिक्स

डा. दिनेश ठाकुर     एमएस सर्जरी

डा. दीपक ठाकुर     एमडी मेडिसिन

डा. पंकज शर्मा       ओबीजी

डा. अरविंद शर्मा     मेडिसिन

डा. पंकज शर्मा       ओबीजी

डा. प्रशांत राणा       ऑर्थो

डा. सतनाम           एमडी रेडियोलॉजी

 

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