सरकार वर्दी दो, वरना आंदोलन

छात्र-अभिभावक मंच ने योजना में घोटाले का जड़ा आरोप, मांगा समाधान

शिमला  – छात्र-अभिभावक मंच ने प्रदेश सरकार पर सरकारी स्कूलों में दी जाने वाली अटल वर्दी योजना में भारी घोटाले का आरोप लगाया है। मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर सरकार ने अटल वर्दी योजना पर स्पष्टीकरण व बच्चों को वर्दी का आबंटन न किया, तो फिर मंच राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने सरकार पर अटल वर्दी योजना में करोड़ों रुपए के भारी घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि इस घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हिमाचल प्रदेश के 15327 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 931187 छात्रों को दो बार स्कूल की वर्दी मिलनी थी, परंतु उन्हें यह वर्दी नहीं मिली। इस तरह प्रदेश के 10 लाख छात्रों को यह वर्दी उपलब्ध नहीं हुई है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 के सत्र में प्लस-टू के हजारों छात्र पासआउट हो चुके हैं, जिन्हें अब यह वर्दी कभी नहीं मिलेगी, परंतु उनके नाम भी यह वर्दी आबंटन भविष्य में निश्चित तौर पर दिखाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, निदेशक उच्चतर शिक्षा व निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से सवाल किया है कि लाखों छात्रों की वर्दियों के लिए जारी करोड़ों रुपए की राशि कहां गई व छात्रों को पिछले दो वर्षों में अटल वर्दी योजना के तहत वर्दी क्यों नहीं मिली। इस तरह लाखों छात्रों के लिए घोषित अटल वर्दी योजना केवल कागजों में रह गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के सत्र की गलतियों से प्रदेश सरकार ने कुछ नहीं सीखा व वर्ष 2019-20 में भी यह क्रम जारी है। जून महीना आधा बीत चुका है, परंतु 2019-20 के सत्र में भी लाखों छात्रों को वर्दियां नहीं मिली हैं। इस तरह 2018 की ही तरह 2019 में भी प्रदेश सरकार ने वर्दियों से लाखों छात्रों को वंचित किया है। दो वर्षों से छात्रों को वर्दी न मिलना साफ तौर पर किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। यह भारतीय संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों व शिक्षा का अधिकार कानून 2009 का खुला उल्लंघन है।

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