सलूणी के केहर सिंह को दिल्ली में काव्य सम्मान

राष्ट्रीय समारोह में चंबा के उभरते कवि ने चमकाया जिला व प्रदेश का नाम

सलूणी –तीन सौ कवियों की रचनाओं से संग्रहित काव्य पुस्तक बज्म-ए-हिंद में कविताओं के माध्यम से अपना सहयोग देने के लिए पत्रिका वर्तमान अंकुर द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के समारोह में जिला चंबा के सलूणी से उभरते कवि केहर सिंह राजौरिया को राष्ट्रीय काव्य सम्मान से नवाजा गया है। जिससे लेखन के क्षेत्र में भी इस पिछड़े जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। प्रदेश के पिछड़े जिला चंबा के उपमंडल सलूणी की खरल पंचायत के छोटे से गांव त्रेहड़ निवासी केहर सिंह राजौरिया राजकीय प्राथमिक पाठशाला लोहानी में प्राथमिक सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बचपन से ही कविताएं लिखने का ऐसा शौक पाला की आज उन्हें राष्ट्रीय स्तर का सम्मान हासिल हुआ। इस कामयाबी से क्षेत्रवासी स्वंय को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। केहर सिंह राजौरिया ने दिव्य हिमाचल के साथ खास बातचीत में अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि उन्हें कविताएं लिखने का बचपन से ही शौक था।वह पहले कसक बाकी है  सांझा काव्य, श्री त्रियुंद जगदम्बे का इतिहास, पहाड़ी गीत, शिक्षा विभाग की बाल पत्रिका में कविताएं व कई समाचार पत्रों में कविताएं लिख चुके हैं। अब वर्तमान अंकुर पत्रिका द्वारा संपादित काव्य संग्रह बज्म-ए- हिंद के लिए कविताएं लिखी हैं। जिनके लिए उन्हें राष्ट्रीय काव्य सम्मान से दिल्ली में पत्रिका द्वारा आयोजित समारोह में नवाजा गया है। इस काव्य संग्रह में देश भर के तीन सौ कवियों की रचनाओं को शामिल किया गया है। और पत्रिका का उद्देश्य इस संग्रह को गिनीज बुक में शामिल करवाना भी है।

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