साइबर क्राइम का पाठ पढ़ेंगे बच्‍चचे

सीबीएसई की विशेष पहल, 11वीं-12वीं के स्टूडेंट्स को बताए जाएंगे इंटरनेट के खतरे

पंचकूला -सेंट्रल बोर्ड ऑफ  सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) इस सेशन से कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के सिलेबस में पायथन लैंग्वेज, साइबर क्राइम और रियल केस स्ट्डी पढ़ाने का फैसला लिया है। इसके हिसाब से स्टूडेंट्स को बदले हुए सिलेबस में थ्योरी से ज्यादा प्रेक्टिकल पर फोकस करना होगा। सिलेबस में इंटरनेट के खतरे से कैसे बच सकते हैं। इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इस संबंध में सीबीएसई ने वेबसाइट पर सिलेबस के बारे में जानकारी दी है। इन दिनों साइबर क्राइम ज्यादा हो रहा है। बच्चों के साथ साथ अभिभावकों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इसलिए वह जल्द ही ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसलिए सीबीएसई के नोटिफिकेशन के मुताबिक अब नए सेशन में स्कूलों में सायबर सिक्योरिटी को लेकर क्लास शुरू की जाएगी। इसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के बढ़ते खतरों से आगाह करने के साथ सेफ्टी रूल्स के बारे में भी बताया जाएगा। यह कदम सीबीएसई ने बढ़ते साइबर क्राइम की गंभीरता को देखते हुए उठाया है। इन क्लास में सायबर एक्सपर्ट को नियुक्त किया जाएगा। जो स्कूली स्तर पर ही छात्र-छात्राओं को सायबर सिक्योरिटी का पाठ पढ़ाएंगे। साथ ही छात्रों को ई-पब्लिशिंग, ई-ऑफिस के अंतर्गत सॉफ्टवेयर व उनसे जुड़ी लाइसेंसिंग स्कीम, इंटरनेट की कार्यप्रणाली व वेब एप्लिकेशन के बारे में जानकारी भी देंगे।

अभिभावक भी बनेंगे प्रोग्राम का हिस्सा

बता दें कि स्टूडेंट्स को अलग-अलग सत्र में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे वह घर पर बच्चे की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। इसमें उन्हें सायबर क्राइम क्या है, हाल ही में इससे जुड़े केस के बारे बताया जाएगा। स्कूलों में ट्रेनिंग सेशन का आयोजन जुलाई से शुरू होकर अगस्त तक रहेगा। यह सेशन दो घंटे का रहेगा। इसमें आईआईटी और सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट स्कूलों में ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे।

 

 

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