साई सेंटर में गरीब बच्चों को फ्री कोचिंग

धर्मशाला—साई कोचिंग सेंटर श्यामनगर धर्मशाला छात्रों को बाहरी राज्यों के बजाय धर्मशाला में ही बेहतरीन शिक्षा सुविधा प्रदान करने जा रहा है। पंाच जून से अकादमी छात्रों के लिए विशेष ऑफर लांच करने जा रही है। इसमें अकादमी समान्य बच्चों के साथ-साथ उन बच्चों को कोचिंग देगी जो कि प्रतिभाशाली होने के बावजूद बजट के अभाव में कोचिंग नहीं ले सकते हैं। अकादमी आईआरडीपी और बीपीएल परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को स्कॉलरशिप भी प्रदान करेगी। जिसमें बच्चे की कोचिंग निःशुल्क रहेगी। अकादमी गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंध रखने वाले दस लड़कों व दस लड़कियों को निःशुल्क कोचिंग देगी। इस अकादमी की एक खास बात यह भी है कि इसमें जेईई, नीट और एनडीए के ड्रॉपर बैच के साथ-साथ नौवीं व 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए भी एक बैच बिठाया जा रहा है। जिसमें उक्त कक्षा की शिक्षा के साथ-साथ नीट, जेईई और एनडीए की परीक्षा की भी तैयारी करवाई जाएगी। इससे छात्रों को लाभ यह रहेगा कि सामान्य पाठ्यक्रम को डिटेल में पढ़ाया जाएगा, ताकि बच्चे की सभी शंकाए दूर हांे और भविष्य में बच्चों को ड्रॉप करने के झंझट से भी मुक्ति मिल सके। वर्तमान में इस अकादमी में नीट, जेईई और एनडीए के लिए छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह 17 जून से अकादमी में नया बैच भी शुरू किया जा रहा है। अकादमी के डायरेक्टर पवन ठाकुर ने बताया कि नीट, जेईई और एनडीए की कोचिंग के लिए दो साल की 36 हजार रुपए फीस निर्धारित की गई है। जो कि अन्य अकादमियों के मुकाबले काफी कम है। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा के बच्चों के लिए अकादमी में फाउंडेशन कोर्स शुरू किया जाता है जिसमें सीधे तौर पर बच्चों के पाठ्यक्रम को डिटेल व विस्तारपूर्वक पढ़ाया जाता है। इससे बच्चे की सभी शंकाए दूर होती हैं और इसके बाद 11वीं कक्षा में कोचिंग शुरू होती है उसमें बच्चे को ट्रिक्स एंड टिप्स पर कार्य किया जाता है ताकि बच्चा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर में ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल कर सके। अकादमी के चेयरमैन राज राणा ने बताया कि साई अकादमी में अव्वल दर्जे का स्टाफ बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीट के लिए डा. रुचि कक्षाएं लेती हैं जो कि एमडी कर रही हैं। इसके साथ-साथ एनडीए परीक्षाओं में तैयारी करवाने के लिए आर्मी से रिटायर्ड अधिकारी स्पेशल कक्षाएं लेते हैं जो कि बच्चों को उनके व्यवहार से भांपते हैं । राज राणा ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से शिक्षा के क्षेत्र में जुड़े हैं ।

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