सिविल सप्लाई की 52 दवा दुकानें जल्द

सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है प्रस्ताव, रूपरेखा तैयार

 शिमला -प्रदेश में 52 सिविल सप्लाई की दवा दुकानें खोलने का रास्ता अब साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार अब प्रदेश सरकार को सिविल सप्लाई की ओर से यह प्रस्ताव सौंपा गया है। इसमें नए मेडिकल कालेजों में खासकर दवा दुकानें खोलने का प्रस्ताव शामिल है। गौर हो कि इससे पहले राज्य में नई सिविल सप्लाई मेडिसिन शॉप खोेलने के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने झटका दे दिया था। इसमें निगम को फाइल लौटाई थी और कहा गया था कि इसे पहले सर्विस कमेटी में लगाया जाए। अब इस प्रस्ताव को दोबारा से कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजा गया था।  प्रदेश में सिविल सप्लाई की स्थिति पर गौर करें, तो सिविल सप्लाई के तहत 36 मेडिसिन शॉप स्वीकृ त हैं। हैरानी यह है कि इसमें अभी मात्र 29 दवा दुकानें की चल रही हैं, जिसमें सात खुल ही नहीं पाई हैं। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि सिविल सप्लाई की दवा दुकानें लेने के लिए तय किए गए नियमों के कारण ये सभी दुकानें अभी तक सक्रिय नहीं हो पाई हैं। अब प्रदेश सरकार चाहती है कि राज्य में बंद पड़ी सिविल सप्लाई को जल्द से जल्द शुरू कर ही दी जाए, लेकिन उन सिविल सप्लाई के रिकार्ड भी देखा जाए कि कौन सी दवा दुकान घाटे में चल रही है या फिर किस दुकान ने गत पांच वर्ष में कितना लाभ कमाया है। अभी सिविल सप्लाई मेडिसिन पॉलिसी में संशोधन को लेकर तो चर्चा तो यह भी है कि इसमें अब दवा दुकान लेने के लिए विकलांग और एकल नारियों को दी जा रही पहली प्राथमिकता में पहले तय की गई शर्तों से बाहर किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक नए ड्राफ्ट बनाने में इस बात का खास ख्याल रखा जाना था कि राज्य में एक समान मौके के हिसाब से सिविल सप्लाई के तहत मेडिसिन शॉप चलाने के लिए सभी को प्राथमिकता मिल सके और एक अच्छा लाभ सरकार भी कमा सके।

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