सीटू ने मजदूर विरोधी नीतियों पर बोला हल्ला

कुल्लू—सीटू का दो दिवसीय दसवां जिला सम्मेलन का उद्घाटन अखिल भारतीय सचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा की सरकार दोबारा बनी हैं, जिसने पिछने कार्यकाल में देश में पंूजिपतियों के पक्ष में नीतियों को बनाने का काम किया, जिसके कारण देश के एक प्रतिशत लोग के हाथ में 73 प्रतिशत संपति आई। नई सरकार बनते ही देश में श्रम कानूनों में फेरबदल करने के सकेंत दिए हैं, जो मजदूरों के हित के खिलाफ है, जो श्रम कानून मजदूरों के लिए बने हैं, उन कानूनों के होते हुए भी मजदूरों को न्याय नहीं मिलता, लेकिन अब कानूनों के फेरबदल से मजदूरों का शोषण और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आज ज्यादा जरूरी है कि मजदूरों कर्मचारियों की एकता बनाने और आंदोलन तेज करने की जरूरत है। सम्मेलन में जिला भर से सीटू से संबंधित युनियनों के 110 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में सीटू के जिला महासचिव राजेश ठाकुर द्वारा पिछले तीन वर्षों की संगठनात्मक रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें सभी प्रतिनिधियों ने चर्चा की और चर्चा में हिस्सा लेते हुए संगठन को आगे बढ़ाने के लिए अपने सुझाव दिए। सम्मेलन में 35 सदस्यों की नई कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष सर चंद ठाकुर, महासचिव राजेश ठाकुर उपाध्यक्ष-पद्म प्रभाकर, कमल विष्ट, कान्ता महंत और चमन ठाकुर तथा सहसचिव-अर्जुन, चुनी लाल, राम चंद और शशि किरण को चुना गया। सम्मेलन में श्रम कानूनों में बदलाब के खिलाफ स्कीम वर्कर्ज को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और सरकारी न्यूनतम वेतन लागू करने, मनरेगा कानून को सही ढ़ग से लागू करने, न्यूनतम वेतन 18000 रुपए लागू करने के लिए प्रस्ताव पास किया गया। सम्मेलन का समापन करते हुए राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि आने वाले समय में मजदूर  विरोधी नीतियों को रोकने के लिए संगठन में तमाम मजदूरों को जोड़ने का काम तेजी से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन अगामी समय में मजदूर विरोधि नितियों के खिलाफ  प्रदर्शन व आंदोलन करेगा।

 जनमंच में आकर मिला न्याय

चैणीकोठी की कमला देवी को तब न्याय मिला जब स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी पिछले पांच सालों से चली आ रही पानी की समस्या का मौके पर हल किया। कमला देवी का अकेला घर है और वह उम्रदराज महिला है, जहां पिछले लंबे अर्से से पानी नहीं था। जनमंच में अधीक्षण अभियंता को आदेश दिए गए कि सोमवार तक कमला को पानी मिल जाना चाहिए और इनके घर को स्थायी नल दिया जाए। इसका पूरा खर्च विभाग वहन करे। इसी प्रकार कमेड़ा गांव के छह घरों में आज भी बिजली नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने चेत राम की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता विद्युत को इस गांव में 15 दिनों के भीतर बिजली की सुविधा प्रदान कर रिपोर्ट सोंपने की बात कही। विपिन सिंह परमार ने इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ तथा बेटी है अनमोल योजनाओं के तहत बेटियों को दस से लेकर 12000 रुपए तक की एफडी भी वितरित की। बंजार क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों का लोगों को समुचित लाभ मिल रहा है।

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