सुजानपुर में सफाई कर्मियों ने खोला मोर्चा

सुजानपुर—नगर परिषद सुजानपुर के सफाई कर्मी ठेकेदार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। आरोप लगाते हुए कहा है कि संबंधित ठेकेदार उनका पीएफ प्रोविडेंट फंड जो बनता है वह देने में आनाकानी कर रहा है। संबंधित विषय को लेकर उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र भी दिया गया है, लेकिन ठेकेदार मनमाना रवैया अपनाकर सफाई कर्मियों को डराने का काम कर रहा है। इसके चलते सफाई कर्मी भारी परेशानी में हंै और संबंधित विषय को लेकर विभागों के चक्कर काट रहे हैं। इस संदर्भ में एक शिकायत पत्र नगर परिषद अधिकारी को भी सौंपा गया है, जिसमें सफाई कर्मियों ने आपबीती सुनाते हुए ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सफाई कर्मियों में पार्वती देवी, सोनू कुमार निवासी पठानकोट, नेहा कुमारी, सोनिया, मोनू, सपना, बनवारी लाल आदि ने लिखित शिकायत पत्र में कहा है कि सभी सफाई कर्मी नगर परिषद में सफाई कर रहे हैं। बीते 11 माह से ठेकेदार के अधीन काम हो रहा है। प्रतिमाह उनका मासिक वेतन 6800 है, जिसमें 1000 प्लस 1000 पीएफ  का काटा जाता है, जिस हिसाब से 11 माह का पीएफ 22000 बनता है। ठेकेदार इसकी कोई रसीद नंबर नहीं देता, तमाम कार्रवाई केवल मौखिक रूप से हुई है। हम सभी सफाई कर्मी पठानकोट से अपने पैसे लेने कई बार आ चुके हैं, लेकिन ठेकेदार हर बार मनमानी कर रहा है, जब उसे पीएफ के बारे में बात की जाती है, तो जवाब मिलता है कि जहां मेरी शिकायत करनी है कर दो, जहां जाना है जाओ, मैं किसी को पैसा नहीं दूंगा। हम करीब छह आदमी हैं, जिनका पीएफ काटा गया है, लेकिन बाद में पीएफ की राशि नहीं मिली। इस विषय को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष से भी बात हुई है, लेकिन कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इस संदर्भ मंे नगर परिषद अधिकारी एवं तहसीलदार सुजानपुर अशोक पठानिया ने बताया कि सफाई ठेकेदार द्वारा पीएफ बकाया राशि नहीं दी जाने की समस्या उनके पास पहुंची है। विषय को ध्यान में रखा गया है, जब भी सफाई ठेकेदार का हिसाब किया जाएगा सभी सफाई कर्मियों को मौके पर बुलाकर बातचीत होगी। सफाई कर्मियों की एनओसी मिलने के बाद ही ठेकेदार को पेमेंट की जाएगी। पीएफ  उन्हीं को दिया जाएगा, जिनके आधार कार्ड या अन्य पहचान का कोई डाक्यूमेंट होगा।

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