सेना का हवलदार भी बनेगा डिप्टी डायरेक्टर

नियमों में संशोधन करेगी सरकार, सैनिक कल्याण विभाग में 10 पद खाली

शिमला – सेना का पढ़ा-लिखा हवलदार भी अब सैनिक कल्याण विभाग में डिप्टी डायरेक्टर बन सकता है। अभी तक इस तरह का प्रावधान नहीं है, जिससे विभाग में उपनिदेशकों के पद भरे नहीं जा पा रहे हैं। लंबे समय से विभाग में यह पद खाली चल रहे हैं, जिससे इसका काम भी प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार इस बारे में सोच रही है, जिसके लिए उसे नियमों में संशोधन करना होगा। बिना नियमों में संशोधन किए व्यवस्था को नहीं बदला जा सकता। बताया जाता है कि इस संबंध में सैनिक कल्याण विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर प्रयास कर रहे हैं, जिनका मानना है कि पढ़े-लिखे सैनिक हवलदार को भी उपनिदेशक के पद पर लगाए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए। अभी तक लेफ्टिनेंट कर्नल या फिर इससे ऊपर के रैंक के अधिकारी को ही विभाग में उपनिदेशक बनाया जाता है, वही इन पदों के लिए योग्य रहते हैं। दिक्कत यह पेश आ रही है कि लेफ्टिनेंट कर्नल या इससे ऊपर के रैंक के अधिकारी बहुत कम मिलते हैं। ये उपनिदेशक जनजातीय जिलों को छोड़कर शेष में लगते हैं, लेकिन आलम यह है कि 10 जिलों में इनके पद खाली पड़े हुए हैं। वहीं सरकार ने पूर्व सैनिकों के परिवारों व उनकी विधवाओं को सेना में एंट्रेंस के लिए दी जाने वाली राशि को भी बढ़ा दिया है। यह राशि छह हजार रुपए होती थी, जिसे अब 12 हजार रुपए कर दिया गया है। सैनिक कल्याण विभाग के सचिव आरएन बत्ता ने बताया कि विभाग के माध्यम से पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के उत्थान के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है और जल्द ही विभाग में कई तरह के बदलाव नजर आएंगे।

You might also like