सेल्फी की चाह… मौत को दावत

कुल्लू —हिल स्टेशन कुल्लू-मनाली इस बार चुनाव परिणाम के बाद इस कद्र से पैक हपा कि कुल्लू-मनाली आने वाले सैलानियों को यहां ठहरने के लिए होटल, कॉटेज , गेस्ट हाउस, टैंट घर कम पड़ने लगे। सैलानियों की बढ़ती संख्या के चलते अधिकतर सैलानी अपनी रातें वाहनों में ही सो कर गुजार रहे है।वहीं, दूसरी और कुल्लू-मनाली की हसीन वादियों में घूमने के साथ साथ सैलानी अभी भी व्यास नदी के किनारों पर मनाही के बाद भी जाने से गुरेज नहीं कर रहे। कुल्लू-मनाली के प्रवेश द्वार बजौरा से लेकर मनाली हो या रोहतांग दर्रा प्रशासन की और से जगह जगह पर सूचना वोर्ड भी  व्यास नदी के किनारों पर नदी से दूर रहने को लेकर  लगाए गए हंै। बावजूद इसके सैलानी यहां व्यास नदी के किनारों पर जाकर ही बैठना और फोटो खिंचने का आनंद ले रहे है। जान की परवाह किए बिना ही सेल्फी लेना इतना महत्त्वपूर्ण है कि कुछ सैलानी तो छोटे – छोटे बच्चों के साथ व्यास नदी के तेज भाव के बीच जाकर फोटो लेने से गुरेज नहीं करते। वहीं, हाई-वे पर नेचर पार्क में भी सूचना वोर्ड व्यास नदी में न जाने को लेकर लगा रखे है। लेकिन कोई भी इन सूचना वोर्ड को पढ़ना तो दूर उसकी और देखते भी नहीं है और सीधे व्यास नदी के किनारों पर पत्थरों पर जाकर बैठ जाते है। दूसरी और सैलानियों सहित कई स्थानीय लोग भी व्यास नदी के किनारे सेल्फी लेने जाने का आंनद ले रहे हैं। सूचना वोर्ड पढ़ने के बाद भी फोटो खींचने की चाह इन्हें भी उस और ले जा रही है। इन दिनों कुल्लू-मनाली में घूमने आने वाले अधिकतर सैलानी व्यास नदी के किनारों पर बैठने का आंनद ले रहे है। अब तक जिला में  पिछले कुछ दिनों में कई जानें सेल्फी लेने की चाह में जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई भी इन हादसों से सीख नहीं ले पाया है और सेल्फी लेने की चाह अभी तक बनी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज पढ़ा लिखा दबका कि किस तरह से नियमों व कानून को तोड़ने में आगे रहते है। सोमवार को भी जगह जगह पर सैलानी वाहनों को रोक कर व्यास नदी के किनारों पर फोटो लेने के लिए रुकते रहे। वहीं, मौहल नेचर पार्क में भी व्यास नदी के पास न जाने को लेकर सूचना बोर्ड लगा रखा है, लेकिन यहां पार्क में घूमने आने वाले सैलानी और स्थानीय कुछ युवा वर्ग भी सूचना बोर्ड पढ़ने के बाद भी व्यास नदी के किनारों पर बैठने का आनंद लेते रहे।

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