सैलानियों ने पूछा पार्किंग का पता…जोत शर्मसार

पार्किंग सुविधा न होने से पर्यटक आड़ी-तिरछी खड़ी कर रहे गाडि़यां, जाम से हो रहे परेशान

चुवाड़ी –विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जोत पर्यटन की अपार संभावनाओं के दोहन को लेकर सरकारी स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई न होने से गुमनामी के अंधेरे में खोकर रह गया है। जोत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभी तक ऐसे कोई प्रयास होते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे यहां बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के कदम ठहर सके, जिसके चलते जोत पर्यटन स्थल की बजाय बस स्टॉप बनकर रह गया है। मैदानी तपते इलाकों से गरमी से राहत पाने के लिए पहंुचने वाले सैलानियों को जोत में वाहन खड़ा करने तक की कोई सुविधा नहीं है। जिसके चलते रोड साइड आडे- तिरछे खडे वाहनों से पर्यटकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पडता है। पर्यटन सीजन के दौरान हालत ओर भी बेकाबू होकर रह जाते हैं। जोत में गर्मियों में पेश आने वाली ट्रैफिक समस्या के हल हेतु पुलिस कर्मचारी की तैनाती तक नहीं हो पाती, जिससे वीक एंड पर जोत मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। पर्यटन स्थल जोत पर पर्यटकों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से निर्मित सार्वजनिक शौचालय में साफ- सफाई की व्यवस्था का प्रबंध न होने से गंदगी का आलम बने रहने से पर्यटकों को मजबूर इधर- उधर खुले में शौच को मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा पर्यटकों को पेयजल के लिए भी इधर- उधर भटकना पड रहा है। जोत में स्थापित हैंडपंप पिछले काफी अरसे से खराब पड़ा हुआ है। जोत में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं का भी दोहन नहीं हो पाया है। जोत को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के प्रयास फिलहाल नगण्य ही नजर आ रहे हैं। बतातें चलें कि वालीबुड के नामी निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा अपनी सुपर- डुपर हिट फिल्म गदर में जोत की खूबसूरती को कैमरे में कैद कर रूपहले पर्दे पर उतार चुके हैं।

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