सोना-चांदी से भरेगी कमरूनाग झील

गोहर—मंडी जनपद के अधिष्ठाता श्रीदेव कमरूनाग का दो दिवसीय सरानाहुली मेला शुक्रवार से आरंभ होगा। सैकड़ों श्रद्धालु परंपरा के अनुसार श्रीदेव कमरूनाग के समक्ष अपने बच्चों के मुंडन संस्कार करवाकर स्वयं को धन्य मानते हैं। इस दौरान पशु बलि पर लगने वाली राशि को श्रद्धालु नकदी के रूप में कमरूनाग मंदिर व समीपवर्ती झील में अर्पित करते हैं। भक्तों के चढ़ावे से लबालब कमरूनाग की झील को देखते ही प्रतीत होता है कि कमरूनाग के प्रति हर साल लोगों की आस्था बढ़ती जा रही है। देव कमरूनाग के दरबार में गुरुवार को (आषाढ़ संक्रांति के दिन) हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। सरानाहुली मेले में मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, कांगड़ा, किन्नौर, चंबा, हमीरपुर समेत पड़ोसी राज्यों के हजारों श्रद्धालुओं का पहंुचना गुरुवार से ही आरंभ हो गया है। मेले के दौरान श्रीदेव कमरूनाग के दर्शन के लिए मंदिर में देवता कमेटी के साथ पुलिस को भी दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़ पर नियंत्रण करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मेले में कानून व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के लिए गोहर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। थाना प्रभारी गोहर मनोज वालिया ने कहा कि मेले के दौरान हुड़दंगियों पर पुलिस कड़ी नजर रखेगी। देवता कमेटी व कांढी कमरूनाग पंचायत के प्रतिनिधियों का मानना है कि मैदानी क्षेत्रों में प्रचंड गर्मी के चलते मेले में इस बार एक लाख से अधिक श्रद्धालु देवता के समक्ष शीश नवाएंगे।

कैमरे में कैद होगी मेले की हर गतिविधि

बड़ा देव कमरूनाग के दो दिवसीय सरानाहुली मेले की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखने के लिए कमेटी ने सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं, जो देवता की ऐतिहासिक झील सहित सैकड़ों बच्चों के मुंडन संस्कार जैसी गतिविधि पर कड़ी नजर रखेंगे।

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