सोलन में ‘मैं इतिहास बदलने आई हूं’

सोलन—सोलन में जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के मौके पर पहली बार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें करीब 50 कवियों ने नशा, पर्यावरण व बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर कविता पाठ किया। कार्यक्रम में संस्कृत के प्रकांड विद्वान प्रो. केशव शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डा.  हेमराज कौशिक ने की। जिला भाषा अधिकारी कुसुम संघाइक ने मुख्यातिथि व सभी कवियों का स्वागत किया। अर्की से आए युवा कवि हेमंत भार्गव ने बेटी बचाओ पर तीखा तंज किया। हेमंत ने फरमाया.. बात फिर उठी है, आगे भी उठाई जाएगी, कहानी, कविता और शेरों में बेटियां पढ़ेंगी और बचाई जाएगी। सविता ठाकुर ने कहा  कि..मैं इतिहास बदलने आई हूं, मैं इतिहास बदल कर रख दूंगी। मुझको भी जीने का हक दो, तुम इक कोख तो दो। नालागढ़ से आए अदिति कंसल ने फरमाया..बेटी घर कीलाज बचाए, बेटी बिखरा घर बसाये। भ्रूण हत्या जो करवाते, आनंद से वंचित हो जाते। नालागढ़ के ही राम प्यारा गौड़ ने पार्यवरण पर धरती का आंचल कविता पढ़ी। उन्होंने फरमाया.. रुखी, सूखी, नीरस धरती, तरस रही है प्यार पाने को। तृषित नेत्रों से देख रही है, दुलार हमारा पाने को। इसके अलावा डा. हेमराज कौशिक, डा. प्रेमलाल गौतम, डा. शंकर वासिष्ठ, डा. लेखराम शर्मा, डा. आनंद, विंग कमांडर (रिटायर)सीडी डोगरा, केआर कश्यप करूण, रामलाल राही, रोहिणी शर्मा, प्रकाश शर्मा, रत्न ठाकुर, अनुराधा, काश प्रिंस, पद्म देव शर्मा शास्त्री, निधि ठाकुर, रंजन, शर्मिला शर्मा, हेमंत अत्रि, संजीव अरोड़ा व ममता ठाकुर समेत कई अन्य कवियों ने भी कविता पाठ किया।

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