सोशल मीडिया से भागे भाजपा नेता

सीएम के बयान के बाद फील्ड में पकड़ बनाने के लिए बहा रहे पसीना

धर्मशाला    —चालीस साल बाद खाली हुए धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में  टिकटार्थियों की बाढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर दर्जनों बीजेपी समर्थक स्वयं को टिकटार्थी बताते हुए एक-दूसरे को नीचा दिखाने में जुट गए थे। इसी दौरान तीन जून को जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धर्मशाला प्रवास था, तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया वालों को नहीं बीजेपी फील्ड में काम करने वालों और धरातल से आने वाली रिपोर्ट को आधार बनाकर प्रत्याशी चयन करेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब टिकटार्थी सोशल मीडिया से भाग निकले हैं। पूर्व में जिस तरह सीधे सीधे फेसबुक पर ही टिकटे मांग रहे थे, उस पर भी थोड़ा विराम लग गया है। अब  कई टिकटार्थी नए-नए कुर्ते पायजामे पहन कर तपती धूप में गांव -गांव घूम कर अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे हैं,लेकिन धर्मशाला में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ने से ऐसे नए नेताओं को सियासी सफर कठिन लग रहा है। फील्ड वर्क की जब बारी आई है तो सोशल मीडिया पर छाए रहने वालों की अपेक्षा टिकटार्थियों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि कुछ तो एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए और अपना नाम सुर्खियों में बनाए रखने के लिए भी इस तरह के प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उपचुनाव को लेकर जनता में भी उत्सुकता बनी हुई है कि सांसद किशन कपूर के बाद उनके विधानसभा क्षेत्र को संभालने वाला नया चेहरा कौन होगा। कितना विजन होगा, विकास व धर्मशाला के स्तर को ऊपर उठाने की कितनी सोच होगी। 

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