सोहन लाल ने जैविक खाद से उगाया आधा किलो का प्याज-एक फुट खीरा-ढाई किलो का घीया

सरकाघाट। उपमंडल सरकाघाट की ग्राम पंचायत चौरी के गांव गंधौल के सोहन सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद हार्ट पेशेंट होने के बावजूद 2012 मंे खेतीबाड़ी को अपनी दिनचर्या बनाया। धीरे-धीरे खेतीबाड़ी करने की तकनीकियों को समझा और जैविक खाद से साब्जियों को उगाना शुरू किया। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने 800 ग्राम प्याज अपने खेतों मंे उगाकर मिसाल पेश की थी और 15 क्विंटल प्याज बाजार में बेचकर हजारों रुपए कमाए। हाल ही मंे उन्होंने आधा किलो प्याज, ढाई किलो घीया व बढि़या किस्म के बैंगन उगाए  हैं।  यही नहीं, बड़ी इलायची की भी बड़ी खेप तैयार की है। सोहन सिंह एक फसल के सीजन में सभी खर्चे निकाल कर करीब 35-40 हजार रूपए कमा लेते हैं।  सोहन सिंह का कहना है कि खेतीबाड़ी करने से हर व्यक्ति बड़ी आसानी से परिवार का पालन-पोषण कर सकता है और सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित करने मंे लगी हुई है। बता दें कि कृषि विश्व विद्यालय पालमपुर किसानों के लिए शिविर आयोजित किया गया है, जिसमंे गंधौल के किसान सोहन सिंह को भी बुलाया गया है। वह शुक्रवार को पालमपुर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे कृषि की नई-नई तकनीकों को बारीकी से समझेंगे, ताकि लोगों को जैविक खाद से उगाई गई सब्जियां उपलब्ध करवाकर उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखेंगे।

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