स्कूलों में लाइब्रेरी सबसे जरुरी

शिमला —साहित्य समाज की मज़बूती के लिए सरकार को भी गंभीर होना होगा। जिसमंे स्कूली स्तर पर लाइब्रंेरियों को भी मज़बूत करना होगा। पुस्तक मेले को घूमने आए साहित्यकार डा. हेमराज कौशिक ने कहा कि साहित्य जगत को इस तरह से बजट दिया जाना चाहिए जिसमंे स्कू ली बच्चांे को पढ़ने की प्रेरणा कम उम्र मंे मिल पाए। जिससे बच्चे वीडियो गेम्स से भी दूर हो पाएंगे जिससे एक स्वथय समाज का निर्माण हो पाएगा। उन्हांंेने कहा कि प्रदेश के युवा साहित्यकारांे के मनोबल को बढ़ाने की भी आवश्क्ता है।  फिलहाल पुस्तक मेले के छठंे दिन मेले मंे अंग्रेजी के सहित्यकार डॉ दिनेश कुवंर भी आए। उन्हांेने कहा कि साहित्य समाज मंे अंग्रेजी क ी भी विशेष भूमिका है। साहित्य सृजन चाहे किसी भी भाषा मंे हो ये साहित्य जगत को मज़बूती प्रदान करता है। उधर शुक्रवार को हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला द्वारा गौथिक हॉल गेयटी थिएटर में संस्कृत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के द्वितीय राजभाषा संस्कृत विषय पर षोधपत्र वाचन, तथा परिचर्चा होगी। कार्यक्त्रम में मुख्य अतिथि शांता कुमार, पूर्व मुख्य मंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार होंगे। कार्यक्रम मंे सुरेश भारद्वाज शिक्षा मंत्री कार्यक्र म की.अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर डा. पूर्णिमा चौहान तथा  कुमुद सिंह निदेशक भाषा संस्कृति विभाग अतिथि होंगी। इस संस्कृत सम्मेलन में डा. ओम प्रकाश शर्मा द्वारा संस्कृत साहित्य विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया जाएगा।  हिमाचल प्रदेश के प्रख्यात विद्वान प्रो केशव षर्मा, आचार्य रामानंद, आचार्य कुमार सिंह सिसोदिया, आचार्य भक्त वत्सलम्, डा. विद्या शारदा, डा. दयानंद शर्मा, डा. ओम् प्रकाश सारस्वत, डा. मुकेश, आचार्य मनोज शैल, डा. ओकार चंद, डा. सुदेश गौतम, आचार्य रवीन्द्र, आचार्य प्रेम लाल गौतम, प्रवीण कुमार विमल, डा.शंकर वाषिष्ठ, कृष्ण मोहन पांडे, मदन हिमाचली आदि संस्कृत सम्मेलन में परिचर्चा में भाग लेंगे।

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