स्टाफ का टोटा,कौन चलाएगा इलेक्ट्रिक बसें

कुल्लू—विश्व पटल में प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे के लिए इस पर्यटन सीजन में रूट पर चलाने के लिए विशेष रूप से खरीदी गई इलेक्ट्रिक बसों में कटौती हो सकती है। कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू डिपो के पास बसों को चलाने के लिए चालक-परिचालक ही नहीं है। बसों की कटौती होने से पर्यटकों को भी दिक्कतें आ सकती है। वहीं, कुल्लू के ग्रामीणों को भी तगड़ा झटका लगेगा। कई बस रूट प्रभावित होंगे। सरकार, परिवहन निगम ने सभी बसों को चलाने के लिए चालक-परिचालकों को जुगाड़ कर दिया तो मंडी जिला के डिपो में बस चालक-परिचालकों की कमी का दंश झेलना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस बार हिमाचल पथ परिवहन निगम चालक-परिचालकों की कमी के चलते रोहतांग के खरीदी गई 25 में से 16 बसों को ही चला पाएगा। ऐसे में रोहतांग के लिए नौ बस रूटें की कटौती हो सकती है। यह नौ बसें मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी में मौजूदा समय में चल रही है। इसके बाद सरकार बसों को भी खरीद चुकी हैं और कुल्लू के लिए 25 बसें भेंजी हैं और चला भी रही है। यह सभी बसें मनाली-रोहतांग चलाई जानी है। लिहाजा, इस बार बसों में कटौती होने से पर्यटकों को भी परेशानी हो सकती है। जैसे ही रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बसें दौड़ना आरंभ होगी तो, जिला के करीब 14 बस रूट्स भी बंद होने की कगार पर है। जिसका दंश जिला कुल्लू के 14 बस रूटों के तहत आती हजारों की संख्या वाली आबादी को झेलना पड़ेगा। सर्दियों में यह बसें मणिकर्ण के लिए चार, मनाली-कुल्लू लेफ्ट राइट बैंक पांच, चार बसें कुल्लू-मंडी, एक बस रैला रूट पर चलाई गई है। अब यह बस रूट बंद होने वाले हैं। पहले ही जहां जिला कुल्लू के कई बस रूट्स बंद पड़े हुए हैं, वहीं, अब 14 के करीब और बस रूट्स बंद होने वाले हैं। वहीं, चालक-परिचालक न होने से कुल्लू डिपो की 35 बसें पहले ही लंबे असरे से खड़ी हैं। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि सोमवार तक रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होगी। जैसे-जैसे डिमांड बढ़ेगी बसें रोहतांग भेजी जाएगी। जिन रूटों पर यह बसें सर्दियों में चलाई गई थी, वे बंद होंगे।

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