स्पेशल खिलाडि़यों को पॉलिसी का इंतजार

हिमाचल सरकार से मांगा नौकरियों में तीन फीसदी कोटा, कैश प्राइज देने की भी गुहार

शिमला  – हिमाचल के स्पेशल खिलाड़ी राज्य सरकार से उनके लिए पॉलिसी बनाने की आस लगाए बैठे हैं। स्पेशल खिलाड़ी रोजगार में तीन फीसदी कोटा सहित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विके्रताओं को कैश प्राइज के प्रावधान की मांग कर रहे है, ताकि प्रदेश का नाम रोशन करने का उन्हें लाभ मिल सके, जो अन्य खिलाडि़यों को उपलब्ध है। स्पेशल ओलंपिक भारत हिमाचल प्रदेश संघ ने भी राज्य सरकार से स्पेशल खिलाडि़यों के लिए पॉलिसी बनाने की मांग उठाई।  संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व परिवहन व खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर जल्द पॉलिसी बनाने की मांग उठाई है। स्पेशल ओलंपिक संघ ने प्रदेश सरकार से हरियाणा की तर्ज पर पॉलिसी बनाने की मांग उठाई है। हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता जीतने पर 15 लाख नकद पुरस्कार सहित रोजगार का प्रावधान है, जबकि हिमाचल प्रदेश में स्पेशल खिलाडि़यों को अभी तक ये लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि पूर्व में संघ कई मर्तबा पॉलिसी बनाने की मांग उठा चुके हैं, मगर प्रदेश के खिलाडि़यों को अभी तक उक्त लाभ नहीं मिल गए हैं, जिससे वे स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश के कई स्पेशल खिलाड़ी विश्व स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर पहाड़ी प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। वहीं, इसके अलावा प्रदेश स्पेशल ओलंपिक ने राज्य सरकार से संघ को राज्य में खेल संघ का दर्जा देने की मांग उठाई थी। हालांकि मुख्यमंत्री ने संघ को राज्य में खेल संघ का दर्जा देने का आश्वासन दिया था। मगर अभी तक संघ को यह दर्जा नहीं मिल पाया है।

ला चुके 29 अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक

अभी तक प्रदेश के स्पेशल खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 29 स्वर्ण पदक, 23 रजत पदक और 26 कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन स्पेशल खिलाडि़यों ने ये पदक चीन, साउथ कोरिया, यूएस और आयरलैंड में जीते। हाल ही में आबुधाबी में खेले गए मुकाबलों में भी प्रदेश के खिलाडि़यों ने कई पदक जीते हैं।

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