हड़ताल से मरीज दिखे बहाल

नालागढ़ अस्पताल में दो घंटे तक ओपीडी के बाहर मरीज करते रहे इंतजार

नालागढ़ –उपमंडल के सबसे बड़े नालागढ़ अस्पताल में उपचार करवाने के लिए मरीजों की भीड़ तो उमड़ी, लेकिन ओपीडी में चिकित्सकों के न होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक ओर जहां 41 डिग्री का तापमान और ऊपर से चिकित्सकों के ओपीडी में न होने से मरीजों सहित उनके तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गईं। बताया जाता है कि मरीजों को इस बात का ज्ञान नहीं था कि चिकित्सकों की दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक है और मरीज नियमित समय पर अस्पताल तो पहंुचे, लेकिन ओपीडी में चिकित्सक उपलब्ध नहीं हुए। अस्पताल के चिकित्सक दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर थे और नालागढ़ अस्पताल के चिकित्सकों ने काले बैच लगाकर गेट मीटिंग कर रोष भी जताया। हिमाचल मेडिकल आफिसर्ज एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार से शुरू हुई दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक में नालागढ़ अस्पताल के स्पेशल बीएमओ ईएनटी विशेषज्ञ डा. अजय पाठक, एसएमओ एमडी मेडिसिन डा. आनंद, डा. राहुल कतना, डा. रजनीश, डा. अशोक बिहारी, डा. वीरेंद्र त्रैहन, डा. संयोग गुप्ता, डा. पारूल आदि उपस्थित रहे। स्पेशल बीएमओ डा. अजय पाठक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ 17 जून से काले बिल्ले लगाकर केंद्रीय राष्ट्रीय संघ के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहा है और बुधवार से दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक आरंभ हो गई और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगें पूर्ण नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हिमाचल में हुई अप्रिय घटनाओं के कारण चिकित्सकों में भारी रोष व्यापत है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के अलावा सीएचसी घुमारवीं के बीएमओ का किसी अधीनस्थ कर्मचारी के द्वारा प्रतिशोधात्मक शिकायत करने पर बिना सुनवाई के उनको निलंबित करना आग में घी का काम कर रहा है, वहीं पीएचसी खैरा के आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो कि रात के 12ः30 बजे डाक्टर के आवास में घुसकर जबरदस्ती वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने सरकार व स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इसलिए जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने  के आदेश जारी करें और बीएमओ घुमारवीं के निलंबन को रोककर निष्पक्ष जांच करवाई जाए और 24 घंटे वाले चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए।

 

 

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