हमीरपुर-ऊना बार्डर पर फेंकी जा रही गंदगी

कूड़े-गंदगी से हो रहा पर्यटकों का स्वागत, स्वच्छता अभियान की उड़ रहीं धज्जियां

बिझड़ी—हरे-भरे वातावरण में हाई-वे किनारे लगाया गया कूड़े व गंदगी का बहुत बड़ा डंप स्वच्छता व पर्यावरण को कई वर्षों से मुंह चिढ़ा रहा है। यही नहीं कूड़े के ढेर को आग लगाकर नष्ट करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे वातावरण में जहरीला धुआं भी फैल जाता है। सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने होने व मामला ध्यान में लाए जाने के बावजूद समस्या जस की तस है। मामला ऊना-हमीरपुर सीमा के पास बड़सर के गलू नामक स्थान का है। जहां हमीरपुर की सीमा में प्रवेश करते ही पर्यटकों व आम लोगों का स्वागत कूड़े के ढेर व उससे निकलने वाली सड़ांध से होता है। उक्त स्थान राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस सारे मामले को ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा कई बार प्रमुखता से उठाया जा चुका है, लेकिन न तो बड़सर प्रशासन और न ही सीमांत जिला ऊना की तरफ से कूड़ा संयंत्र बनाने बारे कोई बड़ा कदम उठाया गया। इस कूड़े के डंप के आसपास की पेयजल स्कीमें भी काम कर रही हैं। यही नहीं कुछ ही दूरी पर गोबिंदसागर झील स्थित है। इस गंदगी के चलते एक तो प्रयावरण दूषित हो रहा है दूसरी ओर बरसात के दौरान सारी गंदगी गोबिंदसागर झील में मिलने का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा कूड़े के डंप से कुछ ही दूरी पर सैलानियों के लिए पिकनिक स्पाट बना हुआ है, परंतु गंदगी के चलते उन्हें भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों में संजय कुमार, विवेक लखनपाल, सेवादास,  नरेश कुमार, सुरेंद्र अग्रिहोत्री, पंकज, चमन लाल, सतीश शर्मा, कमल शर्मा, राजेश अग्रिहोत्री, रूबल ठाकुर, मीरां देवी, रमन बन्याल आदि ने बड़सर व ऊना जिला  प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि शीघ्र-अतिशीघ्र बड़सर में कूड़ा सयंत्र बनाया जाए, ताकि बाजारों, गांवों व अन्य स्थानों से निकलने वाला कूड़ा सही तरीके से ठिकाने लगाया जा सके। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार एनजीटी के सख्त रुख व पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखते हुए बड़सर प्रशासन डंपिंग के लिए नई जगह की तलाश में जुट गया है। आचार संहिता खत्म होने के बाद मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है। अब देखना यह है कि समस्या का समाधान कब तक हो पाता है। इस संबंध में एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा का  कहना है कि मामला विभाग के ध्यान में है। शीघ्र ही बड़सर में कूड़ा निदान संयंत्र स्थापित कर दिया जाएगा। विकास खंड अधिकारी बिझड़ी चंद्रवीर सिंह का कहना है कि एक दो दिनों में एसडीएम बड़सर से इस मुद्दे पर मीटिंग की  जाएगी। एमआईटी बणी के पास जमीन चिन्हित की गई है, अगर राजस्व विभाग की क्लीयरेंस मिलती है, तो जमीन का हस्तांतरण करवाकर कूड़ा संयंत्र नई जगह स्थापित किया जाएगा।

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