हमीरपुर पहुंची अटराजीन दवाई

हमीरपुर—कृषि विभाग के पास अटराजीन दवाई की 3350 किलो खेप पहुंच गई है। किसान ब्लॉक के कृषि विक्रय केंद्रों से दवाई खरीद सकते हैं। हालांकि दवाई पर इस बार सबसिडी का कोई प्रावधान नहीं है। किसानों को फुल रेट पर ही दवाई खरीदनी होगी। बता दंे कि किसानों को मक्की बिजाई के 48 घंटे के अंदर अटराजीन दवाई का छिड़काव करना पड़ता है। अगर 48 घंटे के बाद मक्की के खेतों मंे उक्त दवाई का छिड़काव किया जाए, तो दवाई का प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसे में खेतों में अनावश्यक घास उत्पन्न हो सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को मक्की बीज के साथ खेतों में उगने वाले अनावश्यक घास को खत्म करने की दवाई भी सभी ब्लॉकों में पहुंचा दी है। किसान एक कनाल भूमि में 30 लीटर पानी में 90 ग्राम दवाई को घोलकर इसका छिड़काव कर सकते हैं। जिस खेत में दवाई का छिड़काव किया गया हो, उस खेत में दो दिनों तक किसी भी व्यक्ति या फिर जानवर को घूसने न दें, ताकि खेत में अनावश्यक घास पैदा न हो सके। किसान साथ में यह भी ध्यान रखंे कि जब भी खेत में दवाई का छिड़काव करना हो, तो मौसम खराब नहीं होना चाहिए। दवाई का छिड़काव साफ मौसम में ही करें। विभाग की मानें तो जिला के किसानों को मक्की की फसल में उगने वाले अनावश्यक घास से हर वर्ष परेशान होना पड़ता है। किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए अनावश्यक घास को नष्ट करने के लिए किसानों को समय पर ही दवाइयां ब्लॉकों में पहुंचा दी है, ताकि किसान जरूरत के हिसाब से खरीद सकें।

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