हमीरपुर मेडिकल कालेज में इलाज के लिए भटके मरीज

डाक्टर दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर, काले बिल्ले लगाकर काम कर रहे चिकित्सक

हमीरपुर—डाक्टर राधाकृष्णन मेडिकल कालेज हमीरपुर में गुरुवार को मरीज खासे परेशान हुए। दो घंटे तक उपचार के लिए मरीजों को तरसना पड़ा। पेन डाउन स्ट्राइक में ओपीडी के दरवाजे बंद रहे। ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। डाक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक मरीजों के लिए मुसीबत बनी हुई थी। दोपहर 11ः30 बजे के बाद चिकित्सक ओपीडी मंे बैठे। इसके बाद मरीजों को राहत मिल सकी। पेन डाउन स्ट्राइक करने के उपरांत भी डाक्टर्ज काले बिल्ले लगाकर काम करते दिखे। सभी चिकित्सकों ने मंडी में हुए महिला चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार पर विरोध किया। गुरुवार को हुई पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही मिलीं। बता दें कि मंडी में महिला चिकित्सक के साथ हुए दुर्व्यवहार व घुमारवीं में बीएमओ के निलंबन को लेकर चिकित्सक उग्र हो गए हैं। बंगाल में भी चिकित्सकों के साथ हुए व्यवहार से डाक्टर्ज काफी नाखुश हैं। इसी के चलते विरोध किया जा रहा है। चिकित्सकों ने सरकार से मांग की है कि चिकित्सकों के साथ हुए व्यवहार पर जांच बिठाई जाए। मंडी में महिला चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। जब तक चिकित्सक को न्याय नहीं मिलता, चिकित्सक विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाकर काम करते रहेंगे। जाहिर है मेडिकल कालेज हमीरपुर में हजारों की ओपीडी है। हजारों मरीज रोजाना उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। गुरुवार को भी मरीज काफी तादाद में उपचार के लिए पहुंचे। ओपीडी के बंद दरवाजे देख मरीज हैरत में थे, लेकिन यहां कहावत चरितार्थ हुई कि मरता क्या न करता, मजबूरी में दो घंटे डाक्टरों का इंतजार करना पड़ा। स्ट्राइक समाप्त होने के बाद चिकित्सक ओपीडी रूम में पहुंचे। इसके बाद मरीजों को सुविधा मिली।

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