हरियाणा शिक्षक संघ ने की राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा

पंचकूला – गुरुवार को मोरनी मे हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019-20 के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 18 वर्ष तक के छात्रों के लिए लागू किया जानाए मिड-डे-मील योजना में सुबह का नाश्ता देना और नर्सरी कक्षाएं शुरू करना स्वागत योग्य कदम है। चर्चा में ये भी महसूस किया गया कि इस पर सुझाव देने के लिए बहुत कम समय दिया गया है। सुझावों के लिए समय-सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। अभी यह प्रारूप सिर्फ दो भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है। देश में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इन दोनों ही भाषाओं को नहीं समझते। इसलिए यह  प्रारूप संविधान में वर्णित सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध हो। इस प्रारूप पर चर्चा के दौरान सामने आया कि एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ाने का प्रयास है और शिक्षा का निजीकरण करके अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का प्रयास है। बेवजह बातों की दोहराई कर-कर के पॉलिसी को बहुत ही लंबा बना दिया गया है। बता दें यह चर्चा अध्यापक संघ के राज्य प्रचार सचिव वजीर सिंह के मार्गदर्शन में हुई। इस चर्चा में राज्य सचिव लैक सिंह, जिला सचिव विजय पाल, अंबाला के जिला सचिव अशोक सैणी, संगठन सचिव पितांबर मोहन, मोरनी खंड के प्रधान विजय पाल मेहता, कोषाध्यक्ष शेर सिंह शामिल रहे। इस दौरान सभी अध्यापकों ने प्रदेश में अध्यापकों को आ रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया तथा भविष्य में सीएम से मिलने की भी योजना बनाई।

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