हाईटेक होगा हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र

शिमला – मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा है कि राज्य के पास हस्तशिल्प, हथकरघा की समृद्ध विरासत है और इस क्षेत्र में रोजगार और आय सृजन की अपार क्षमता है। नवीनतम रुझानों और फैशन के अनुरूप तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य डिजाइन और उत्पाद बनाने के लिए विभिन्न हस्तकला कौशल विकास, ई. मार्केटिंग, ब्रांड बिल्डिंग, टैगलाइन और आकर्षक पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव सोमवार को यहां हस्तशिल्प और हथकरघा निगम की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने महानिदेशक निर्यात संवर्धन परिषद हस्तशिल्प राकेश कुमार और उनकी टीम के साथ इस क्षेत्र को जीवंत बनाने के लिए कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शुरू में आभूषणों, लकड़ी पर नक्काशी, धातु कास्टिंग, धातु उभार, किन्नौरी शॉल, चंबा चप्पल, स्टोन नक्काशी और चंबा रुमाल पर पैच को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए।

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