हाथ नहीं, सिर पर किताबें रख कर पढ़ रहे छात्र

सोलन में फोरलेन की जद में आने से सलोगड़ा स्कूल से छिनी छत, बच्चे तपती धूप में पढ़ने को मजबूर

सोलन —जिला मुख्यालय एवं नेशनल हाईवे-5 से सटे प्राइमरी स्कूल सलोगड़ा के नौनिहाल प्रचंड गर्मी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हाल यह है कि न तो बच्चे ढंग से पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही बैठ पा रहे हैं। पूरा दिन आग उगलते सूरज के आगे बेबस ये नौनिहाल अपने सिर पर किताबें रखकर गर्मी के प्रकोप से बचने की नाकाम कोशिश करते रहते हैं। दूसरी ओर इनके भविष्य के निर्माता भी उन्हें ऐसे ही हालात में पढ़ाने को विवश हैं। फलस्वरूप, शिक्षक भी अपने सिर ढक कर पढ़ाई करवा रहे हैं। हालांकि यह समस्या नई नहीं है और न ही प्रशासनिक अधिकारी एवं सरकार इससे अनभिज्ञ है। बावजूद इसके बच्चे एवं शिक्षक खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार बीते छह माह पूर्व फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग लगभग टूट गई और जो  शेष है, उसे अनसेफ घोषित किया गया है। ऐसे में बच्चों को बारिश एवं भयंकर गर्मी में खुले आसमान तले ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। गौर रहे कि इन दिनों प्रदेश भर में सूरज आग उगल रहा है। लगातार पारा चढ़ रहा है। बीते चार दिनों से तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के मध्य बना हुआ है। दुर्भाग्यवश छोटे-छोटे स्कूली छात्रों को गर्मी में पढ़ना पड़ रहा है। बच्चों को तपती धूप में पढ़ाई करता देख अब परिजनों के सब्र का बांध भी टूटने लगा है।  परिजनों ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि समय रहते समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया, तो उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा। अभिभावकों का यह भी आरोप है कि इस समस्या को जनमंच के दौरान भी उठाया था और इसके लिए 15 दिन के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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