हिमाचल की किचन गुड्स इंडस्ट्री बंद

शिमला —हिमाचल प्रदेश की किचन गुड्ज इंडस्ट्री बंद हो गई है। बिना आईएसआई मार्का के ये उद्योग अपने उत्पाद नहीं बना सकते, लिहाजा इनमें तालाबंदी हो चुकी है। अप्रैल से ये उद्योग बंद हैं, जिनमें काम करने वाले लाखों वर्कर इंतजार में हैं कि कब इनके किवाड़ खुलेंगे। सूत्रों के अनुसार चुनावी दौर में प्रदेश के उद्योगपतियों ने यह मुद्दा उठाया था और अब क्योंकि केंद्र में सरकार बन चुकी है, लिहाजा यहां के उद्योगपति केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मिलने की तैयारी में हैं। बताया जाता है कि अनुराग ठाकुर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद उद्योगपतियों ने उनसे गुजारिश की है कि वह पीयूष गोयल से हिमाचल की इंडस्ट्री को लेकर मामला उठाएं। उनसे मिलने का समय मांगा गया है और जल्द ही प्रदेश के उद्योगपति इस सिलसिले में दिल्ली जाएंगे। प्रदेश में अकेले बीबीएन एरिया में ही 30 से ज्यादा ऐसे उद्योग हैं, जो किचन गुड्ज तैयार करते हैं, परंतु अभी तक इन पर आईएसआई मार्का नहीं था। केंद्र सरकार ने इन पर भी शर्त रखी है, लेकिन इनकी रजिस्ट्रेशन का समय निकल गया। यह समय 30 अप्रैल तक का था, लिहाजा तब तक आईएसआई मार्का हासिल करने में असफल रहने के कारण उद्योग बंद करना पड़ा, क्योंकि उस दौरान लोकसभा के चुनाव चल रहे थे, तो इस पर कोई सैद्धांतिक फैसला भी नहीं हो पाया। यही कारण है कि उद्योगों के लाखों वर्कर फिलहाल सड़कों पर हैं। प्रदेश में कालाअंब, पांवटा, ऊना, नालागढ़, बद्दी, बरोटीवाला में ऐसे किचन गुड्ज तैयार करने वाले उद्योग हैं, जो सभी बंद पड़े हुए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि केंद्र सरकार, क्योंकि चुनाव में व्यस्त थी, इसलिए वह करीब छह महीने में रजिस्ट्रेशन का समय उन्हें दें।

रजिस्ट्रेशन के लिए वक्त बढ़ाए सरकार

सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया का कहना है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से इस संबंध में बात की है। क्योंकि वह प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लिहाजा वह यह मामला उद्योग मंत्री से उठाएंगे, इसका उन्हें भरोसा है। उद्योग जगत इस सिलसिले में एकजुट है और चाहता है कि आईएसआई मार्का लेने के लिए इन उद्योगपतियों को छह महीने का समय मिले। सभी लोग इस मार्का के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। केंद्र सरकार ने जो डेट 30 अप्रैल की दी थी, उसे उद्योगों की हित में एक्सटेंड किया जाना चाहिए।

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