हिमाचल के तीन केस में उलझी सीबीआई

वन रक्षक होशियार के हत्यारों को नहीं कर पाई गिरफ्तार

कोटखाई प्रकरण में अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई

अब स्कॉलरशिप घोटाले की जांच में जुटी है केंद्रीय जांच एजेंसी

शिमला – देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई हिमाचल के तीन अहम केस में उलझ कर रह गई है। पहला केस वन रक्षक होशियार सिंह मर्डर, दूसरा कोटखाई रेप एवं मर्डर और तीसरा केस स्कॉलरशिप घोटाला, जिसकी जांच चली हुई है।  हालांकि स्कॉलरशिप घोटाले की जांच अभी शुरू हुई है, लेकिन दो साल पहले होशियार सिंह और कोटखाई केस में सीबीआई को खास सफलता नहीं मिली। कोटखाई प्रकरण में एक आरोपी और सूरज हत्या कांड में पुलिस वाले ही जेल में बंद थे, जिसमें से अभी तक तीन अधिकारी जमानत पर चल रहे हैं, जबकि पांच छोटे तबके के पुलिस कर्मी अभी तक न्यायिक हिरासत में हैं। वन रक्षक हत्या मामले की बात करें तो पांच जून 2017 को फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की संदिग्ध मौत के केस सुलझाने में सीबीआई बैकफुट पर दिखाई दे रही है। वारदात की कडि़यां जोड़ने के लिए जांच एजेंसी की टीम तीन बार कतांडा फोरेस्ट बीट के जंगल में उस पेड़ को देख चुकी है, जिस पर होशियार सिंह की लाश उलटी लटकी मिली थी। जांच एजेंसी ये पता करना चाह रही थी कि आखिर किसने लाश लटकाई और उसका मकसद क्या था। सीबीआई की टीम दो साल साल में करीब पांच बार कतांडा जंगल का दौरा कर चुकी है। बावजूद इसके आरोपियों को गिरफ्तार करने में अभी तक नाकाम साबित हुई।  हालांकि जांच एजेंसी ने करीब दर्जन भर लोगों से अब तक पूछताछ की है। हाल ही में वन विभाग के उन कर्मचारियों से हुई है, जिन्हें इस केस में आरोपी बनाया गया था। आरा मशीन मालिक को भी सीबीआई ने तलब किया था, जिसकी अवैध लकड़ी होशियार ने जब्त की थी। यहां तक कि कथित आरोपी पूर्व बीओ और वन विभाग के चौकीदारों से भी पूछताछ हुई थी, लेकिन अभी तक सीबीआई ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश पर ही मामला सीबीआई को चला गया। उधर, 250 करोड़ की स्कॉलरशिप घोटाले में सीबीआई ने अभी तक निजी शिक्षण संस्थानों से रिकार्ड ही तलब कर पाई।

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