हिमाचल के पर्यटन शहरों में चलेगी केबल कार

रोप-वे से भी जुड़ेंगे धर्मशाला-शिमला-मनाली, वेबकोस कंपनी तैयार करेगी डीपीआर

शिमला  —पर्यटन सीजन में टै्रफिक से हांफ रहे शिमला, धर्मशाला और मनाली शहरों को केबल कार और रोप-वे से जोड़ा जाएगा। स्टीप पहाड़ी पर बिछने वाली पटरी पर केबल कार टै्रफिक से निजात दिलाई जाएगी। इससे धर्मशाला-मकलोडगंज के बीच का सफर तीन से चार मिनट में तय किया जा सकेगा। इसी तरह कंकरीट से घिरे शिमला शहर में रोप-वे और केबल कार की सुविधा पर्यटकों के लिए राहत ला सकती है। यह सुझाव राज्य सरकार ने तीनों शहरों में ट्रांसपोर्ट रोप-वे के लिए काम कर रही वेबकोस कंपनी को दिया है। यह कंपनी हिमाचल के इन तीनों शहरों में मोनो रेल, एस्केलेटर, लिफ्ट, रोप-वे तथा केबल कार की संभावनाएं तलाश रही है। इसके अध्ययन के लिए हिमाचल सरकार के प्रधान सचिव जेसी शर्मा तथा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू विदेशों में संभावनाएं तलाश आए हैं। हिमाचल ट्रांसपोर्ट रोप-वे कारपोरेशन प्रदेश के तीन शहरों में मोनो रेल योजना भी शुरू करेगी। स्मार्ट सिटी धर्मशाला, शिमला और मनाली में रोप-वे का प्रयोग सामान ढोने के लिए भी किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों के लिए मोनो रेल, एस्केलेटर, लिफ्ट और अत्यधुनिक रोप-वे का निर्माण होगा। वेबकोस कंपनी तीनों शहरों में प्रस्तावित मोनो रेल रोप-वे, एस्केलेटर व लिफ्ट की संभावनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस आधार पर वेबकोस कंपनी तीन शहरों में प्रस्तावित परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करेगी। बताते चलें कि परिवहन विभाग के अधीन रोप-वे रैपिड ट्रांसपोर्ट डिवेलपमेंट कारपोरेशन (आरटीडीसी) काम करेगी। कैबिनेट ने इस नई कारपोरेशन के लिए 12 पद भरने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत रोप-वे कारपोरेशन में सीजीएम, जीएम, डीजीएम तथा एजीएम सहित एक दर्जन पद भरे जाएंगे। खास है कि रोप-वे कारपोरेशन में अधिकतर भर्तियां मेकेनिकल इंजीनियर्स की होंगी। इसके अलावा सिविल इंजीनियर्स की भी कारपोरेशन में सेवाएं ली जाएंगी। हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव को रोप-वे कारपोरेशन का चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक सचिव रैंक का आईएएस अफसर कारपोरेशन का एमडी होगा। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट, पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास, वन तथा पर्यटन विभाग के प्रशासनिक सचिव कारपोरेशन के डायरेक्टर होंगे। रोप-वे कारपोरेशन में दस निदेशक नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत इसमें गैर सरकारी सदस्य भी नियुक्त किए जा सकते हैं।

सामान भी ढो सकेंगे

मंत्रिमंडल की बैठक में रोप-वे कारपोरेशन पर गहन चर्चा हुई है। इस आधार पर वेबकोस कंपनी के साथ कारपोरेशन को एमओयू हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है। इसके चलते कंपनी पहले धर्मशाला, मनाली और शिमला में रोप-वे की संभावनाएं तलाशेगी। इस कारपोरेशन में रोप-वे का निर्माण यात्रियों के आवागमन के साथ सामान ढोने की सुविधा ध्यान में रखकर किया जाएगा। मुख्य उद्देश्य तीनों शहरों को यातायात असुविधा से निजात दिलाना है।

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