हिमाचल पहुंची रेडियो बोलती रामायण

शिमला —शिमला मंे आयोजित हो रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले मंे इस बार तकनीकी क्रांति का एक नया रूप देखने मंे आया। ओकार्ड इंडिया ने रेडियो बोलती रामायण को जनता के सामने पेश किया, जिसमंे रामायण पाठ के विभिन्न अध्यायांे के साथ गणेश वंदना, गीता मूल पाठ, आरती, हनुमान चालीसा, दोहा कबीर और रहीम, दुर्गा सप्तशती, संगीत, व्रत और त्योहार को सुना जा सकेगा। यह भी कहा जा सकता है कि रेडियो बोलती रामायण मुख्यतः रामायण का डिजिटल गायन संग्रह है, पहली बार शिमला पुस्तक मेले से जिसकी शुरुआत हो रही है। ‘दिव्य हिमाचल’ से खास बातचीत करते हुए ओकार्ड के समन्वयक सचिन का कहना है कि इस तकनीक को पहली बार दिल्ली मंे आयोजित हुए वर्ल्ड बुक फेयर मंे जनता के समक्ष लाया गया था। हालांकि रेडियो कारवां की तरह ही ये मिलता जुलता है, लेकिन इस बार रेडियो को एक धार्मिक रूप दिया गया है। संबंधित बटन के दबाने से आपका मनपसंद गाना सुना जा सकता है। इस रेडियो के  लिए आचार्य पवन कुमार और आचार्य ज्योति कुमार ने आवाज़ दी है।

लोकल लेखकों की पुस्तकें भी कमाल की

राष्ट्रीय पुस्तक मेले मंे हिमाचली लेखकांे की पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हैं, जिसमंे एसआर हरनोट, श्रीनिवास श्रीकांत, हेमराज, आत्मरंजन, सुरेश सैन, सतीश रत्न, डा. स्नैही, भारती कुठियाला, अनिल शर्मा, रेखा, देवकन्या, मनोज चौहान, वंदना राणा, श्याम लाल शर्मा, अनुराग, अंगीरस, सतीश आदि लेखकांे क ी किताबें स्टाल मंे पढ़ी जा सकती हैं।

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