हिमाचल में आईएएस अफसरों का कोटा बढ़ा

चार अधिकारी और मिलेंगे, अब 151 का हो जाएगा काडर

शिमला – केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने हिमाचल काडर के आईएएस अफसरों का कोटा बढ़ा दिया है। मंत्रालय ने हिमाचल कोटे में चार आईएएस के पद बढ़ाने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर मामला केंद्रीय कैबिनेट कमेटी को भेजा है। इस आधार पर हिमाचल में आईएएस अधिकारियों की संख्या 147 से बढ़कर 151 हो जाएगी। जाहिर है कि राज्य सरकार लंबे समय से एचपी काडर के अफसरों का कोटा बढ़ाए जाने का मामला केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेज रही है। इसके तहत हिमाचल का कोटा 147 से बढ़ाकर 151 करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस पर केंद्र सरकार ने कई बार आपत्तियां लगाकर मामला राज्य को वापस भेजा। अंततः कार्मिक मंत्रालय ने हिमाचल कोटे में चार अफसरों की बढ़ोतरी की सिफारिश कर दी है। अब केंद्रीय कैबिनेट कमेटी में इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगना बाकी है। इससे आईएएस अफसरों की सीधी भर्ती में संख्या की बढ़ोतरी के साथ हिमाचल के प्रशासनिक अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस फैसले के बाद एचएएस कोटे के तीन अफसर आईएएस काडर में शामिल हो जाएंगे।  

बत्ता के पास आठ विभाग

सीनियर आईएएस अफसरों की कमी के चलते  वर्ष 2000 बैच के अधिकारी आरएन बत्ता को आठ विभागों का जिम्मा दिया गया है। सरकार ने उन्हें पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, सामान्य प्रशासन, सचिवालय प्रशासन, सैनिक कल्याण, संसदीय मामले, आईपीएच तथा मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा है।

ढूंढे नहीं मिल रहे अधिकारी

चौंकाने वाली बात है कि वर्ष 1998 से लेकर 2008 के बीच का कोई भी डायरेक्ट आईएएस अधिकारी हिमाचल में मौजूद नहीं है। इस समयावधि के बैच वाले सभी आईएएस इंटरस्टेट तथा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में हैं। इस कारण सरकार के लिए कमिश्नर तथा एचओडी तैनात करने के लिए आईएएस अफसर ढूंढने पर नहीं मिल रहे हैं।

सीनियर ब्यूरोक्रेट्स की कमी

सीनियर अधिकारियों में दो प्रधान सचिव जेसी शर्मा और ओंकार शर्मा हैं। एसीएस रैंक के संजय गुप्ता, मनोज कुमार, आरडी धीमान, निशा सिंह, रामसुभग सिंह, अनिल खाची और डा. श्रीकांत बाल्दी ही प्रदेश में सेवाएं दे रहे हैं। इस कारण सीनियर ब्यूरोक्रेट्स की कमी खलने से पहली बार राज्य सरकार को इन परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है।

लौट सकते हैं दो अफसर

इस साल सिर्फ आईएएस अधिकारी रजनीश अक्तूबर तथा सीपाल रासू जून में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट सकते हैं। इसके विपरीत एमसी कमिश्नर संदीप कदम, एसीएस अनिल खाची तथा डीसी सिरमौर ललित जैन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। इस कारण आने वाले समय में समस्या और बढ़ जाएगी।

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